कारतूस नहीं बना सके तो तमंचों के बदले लेते थे कारतूस

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जोधपुर. मध्यप्रदेश के धार, बरवानी, बुरहानपुर व खरगोन जिलों के कई गांवों में घर-घर पुश्तैनी तौर अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। समाज विशेष के लोग जुगाड़ से देसी हथियार तो बनाने में सक्षम हैं, लेकिन हथियार के लिए आवश्यक कारतूस बना नहीं पा रहे हैं। बगैर कारतूस हथियार न बिकने पर इन्होंने लाइसेंशुदा हथियार सप्लायरों से सांठ-गांठ की और हथियार के बदले कारतूस लेकर बेचने लग गए। गत दिनों पकड़ में बरवानी के प्रमुख हथियार सप्लायर से यह खुलासा हुआ।

ईटावा से अवैध रूप से लाए जा रहे कारतूस
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में बरवानी जिले के उमरटी निवासी श्यामसिंह उर्फ टोनी उर्फ बिल्ला उर्फ भोला कमिश्नरेट में अवैध हथियारों का प्रमुख सप्लायर है। जिसे गत दिनों मध्यप्रदेश में पकड़ा गया था। उसे नौ जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ में सामने आया कि वो हथियार तो बनाते हैं, लेकिन कारतूस बनाने में असक्षम हैं। ईटावा से कुछ लोग अवैध रूप से कारतूस लाकर देते हैं और बदले में वो उन्हें हथियार देते हैं। यह कारतूस लाइसेंसशुदा हथियार दुकानों से पार होने का अंदेशा है।
तमंचों में साइकिल के पाइप व टायर के तार का उपयोग

मध्यप्रदेश में जुगाड़ के संसाधनों से तमंचे बनाए जाते हैं। साइकिल टायरों में प्रयुक्त होने वाले लोहे के तार स्प्रिंग बनाने में प्रयुक्त होते हैं। वहीं, साइकिल के लोहे के पाइप से तमंचों के बैरल बनाए जाते हैं।



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