गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. कोविड-19 के दुष्प्रभाव से अब भी लाखों लोग उबर नहीं पाए हैं। राज्य सरकार ने बेसहारा और खाने के मोहताज एेसे लोगों का फिर से सर्वे करवाकर उनको गेहूं-चना देने का निर्णय किया है। प्रदेश में एेसे करीब ४.१४ परिवार और १५.३६ लाख लोग मिले हैं जिनके पास अब भी गुजारा करने और दो वक्त की रोटी मुश्किल से मिल ही है। सबसे अधिक मोहताज लोग राजधानी जयपुर में ही है। सोमवार से प्रत्येक व्यक्ति को १० किलो गेहूं और प्रत्येक परिवार को २ किलो साबूत चना का वितरण किया जाएगा। यह वितरण राशन की दुकानों से होगा। चिह्नित सभी व्यक्ति राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल नहीं (नॉन एनएफएसए) है।
अप्रेल से नवम्बर तक दिया था गेहूं
इससे पहले केंद्र सरकार ने पीएम गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत सर्वे करवाकर पूरे देश में बेसहारा व्यक्तियों को प्रत्येक महीने प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं और प्रत्येक परिवार को प्रति महीना एक किलो चना/चने की दाल नि:शुल्क वितरित की गई। यह योजना अप्रेल से नवम्बर तक चलाई गई, लेकिन कोविड-१९ के प्रभाव से अब भी कई लोग नहीं उबर पाए हैें।
आधार कार्ड से मिलेगा गेंहू-चना
राशन की दुकानों पर एेसे परिवारों को आधार कार्ड/जन आधार कार्ड से गेंहू-चना का वितरण होगा। सभी पात्र व्यक्तियों के मोबाइल में राशन वितरण का मैसेज भेजा जा रहा है। राशन वितरण के समय मोबाइल पर ओटीपी आएगा। सभी जिलों में कलक्टर राशन की दुकानों पर दो सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति में राशन का वितरण करवाएंगे। यह वितरण राशन की दुकानों पर शेष पड़े गेंहू-चना के स्टॉक में से किया जाएगा।
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