राजस्थान पत्रिका अगर पेड़ है तो हर पाठक पत्ता : डॉ. कोठारी

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जोधपुर. राजस्थान पत्रिका अगर पेड़ है तो हर पाठक पत्ता। पत्रिका तब तक हरी-भरी है जब तक हर पाठक हरा रहेगा। यह बात राजस्थान पत्रिका के प्रधान सम्पादक डॉ. गुलाब कोठारी ने जोधपुर संस्करण के 42वे स्थापना दिवस के मौके पर जोधपुर के प्रबुद्ध जनों से संवाद करते हुए कही।

वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए शहर के गणमान्य नागरिकों से रूबरू हुए डॉ. कोठारी ने कहा कि लोकतंत्र के तीने हिस्से पहले से ही सरकार के अंग हैं। राजस्थान पत्रिका लोकतंत्र का चौथा पाया बनकर नहीं रह सकता। हम सरकार का अंग बन गए तो जनता की आवाज कौन उठाएगा? पत्रिका हमेशा सेतु की तरह काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पत्रिका को देश-विदेश के कई सम्मान मिले, शायद ही कोई दूसरा अखबार होगा जिसे ये सम्मान मिले होंगे, लेकिन जनता का अटूट विश्वास ही हमारा असली सम्मान है। हम जनता के इस कर्ज को उतारने का प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में समूह के डिप्टी एडिटर भुवनेश जैन ने स्वागत भाषण में कहा कि 2 पेज से शुरू हुई पत्रिका आज शहरी विकास के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने पत्रिका के सामाजिक सरोकारों व अभियान के जरिये आए बदलावों पर प्रकाश डाला। स्टेट एडिटर अमित वाजपेयी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

पुरातन व आधुनिक मूल्यों में हो समन्वय
उन्होंने कहा कि पत्रिका मनीषियों, पुरातन परम्परा का अखबार है। आज भी हम पुरातन व आधुनिक मूल्यों में समन्वय का सेतु बनने का प्रयास कर रहे हैं ताकि नई पीढ़ी धन से ज्ञान से भी समृद्ध हो। यह पाठकों का प्रेम ही है कि पत्रिका की एक आवाज पर लोग समाज के लिए कुछ करने को आतुर नजर आते हैं।

शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं
डॉ. कोठारी ने कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं होती। कब तक हम दूसरों के लिए जीते रहेंगे। इसी प्रकार सफलता का अर्थ सिर्फ धन कमाना नहीं है। परिस्थितियों से संघर्ष हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। यही सीख हमें आने वाली पीढिय़ों को भी देनी है।

आदान-प्रदान बनाए रखें
उन्होंने कहा कि पत्रिका पाठकों से ही है। दोनों छोर से आदान-प्रदान होना चाहिए। जनता का फीडबैक मिलेगा या कहीं हम गलत जा रहे हैं तो वह भी बताने की जिम्मेदारी आपकी है। आपसी सम्पर्क से ही यह रिश्ता प्रगाढ़ होगा।



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