कोरोना में महंगी पड़ी ऑनलाइन स्टडी

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इंडेफ्थ रिपोर्ट

जोधपुर. जोधपुर में मार्च माह से शुरू हुए कोरोना के कारण अभी तक स्कूलों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। जोधपुर में गैजेट्स व ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर 5 लाख से ज्यादा अभिभावक 30 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर चुके हैं। ऑनलाइन स्टडी के नाम पर जोधपुर में मोबाइल, टेबलेट, लैपटॉप, ब्ल्यूटूथ व इयर फोन समेत तमाम तरह की बिक्री में 50 फीसदी ज्यादा उछाल आया है। निजी स्कूल तो पूर्ण रूप से ऑनलाइन पढ़ा रही हैं। इस एवज मोटी फीस भी अभिभावकों से मांगी जा रही है। अभिभावक तंगी के दौर में गैजेट्स पर हजारों रुपए खर्च कर स्कूल की फीस देना अब बेमानी समझ रहे हैं।
सर्वाधिक लैपटॉप की बुकिंगें

जोधपुर में जून माह में अनलॉक शुरू हुआ। इस दौरान दुकानदारों के पास पड़े सारे सामान लॉकडाउन के दौरान बिक गए थे। मार्केट के विशेषज्ञों के अनुसार कई नामी कंपनियों के लैपटॉप बाजार में खत्म हो गए। इस दौरान आगामी दो माह तक बुकिंग सिस्टम में ग्राहकों को लैपटॉप दिए गए। लैपटॉप उठाने वाले ज्यादातर अभिभावक थे।

50 फीसदी तक बाजार में उछाल
बाजारों में मोबाइल व टेबलेट मार्केट बूम पर रहा। ऑनलाइन स्टडी के लिए बच्चों की पहली पसंद टेबलेट बताया जा रहा है। गैजेट्स एक्सपर्ट राकेश दवे ने बताया कि गैजेट्स की डिमांड में मनचाहा उछाल आया है। मोबाइल, टेबलेट्स, फिटनेस बैंड ( शरीर में पल्स, ऑक्सीजन व कैलोरी मात्रा आदि नापता है) की खूब बिक्री हुई है। इसके अलावा इंटरनेट यूज भी बढ़ा है। प्रत्येक बच्चे को कम से कम हर रोज 3जीबी डेटा चाहिए था। उस हिसाब से उन्होंने ऐडऑन प्लान लिया। बाजार में विभिन्न कंपनियों की सिम भी खूब बिकी है। क्योंकि बच्चों की जरूरत मुताबिक घरों में एक्सट्रा फोन कनेक्शन हुए है।


सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई फिसड्डी

वहीं सरकारी स्कूलों की बात करें तो यहां शिक्षकों को ज्यादा संघर्ष करना पड़ा है। छोटी क्लासों में बच्चों को ऑनलाइन होमवर्क भेजना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती रहा। यहां कई बच्चों के खुद के मोबाइल नहीं थे, उनके पैरेंट़्स स्वयं मोबाइल साथ ले जाते। वहीं यहां बड़ी क्लासेज में काफी हद तक बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई सक्सेज रही है। राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मणदान चारण ने बताया कि ऑनलाइन बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना सक्सेज नहीं हो रहा है। ऑफलाइन में प्रत्येक बच्चे को घर वर्क पहुंचाना संभव नहीं है।



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