जोधपुर. नवम्बर के अंतिम सप्ताह में वायु प्रदूषण से राहत के बाद दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में शहर की हवा में फिर से प्रदूषण घुलने लग गया है। शहर में सुबह-सुबह धुंध छाई रहती है जिसके कारण दूर की वस्तुएं साफ दिखाई नहीं देती है। रात को भी यही स्थिति रहती है। दरअसल ये धूल कण है जो हवा नहीं बहने के कारण वातावरण में ही निलंबित रहते हैं।
दिसम्बर के प्रथम सप्ताह में धूल कणों यानी पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का सूचकांक दो सौ ऊपर पहुंच गया है जिसके कारण कोविड-१९ सहित सांस की अन्य बीमारियों से ग्रसित रोगियों को परेशानी आ रही है। रात के समय प्रदूषण सर्वाधिक हो जाता है और आधी रात को उच्चतम स्तर पर पहुंचता है। पिछले दो तीन दिन से सुबह ८ बजे के बाद दोपहर १२ बजे तक भी हवा में प्रदूषण अधिक रिकॉर्ड हुआ। राहत की बात यह है वायु के अन्य प्रदूषकों नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनोक्साइड, अमोनिया, ओजोन जैसे तत्वों की वातावरण में मात्रा संतुलित है।
जोधपुर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)
तिथि ----------------- एक्यूआई
१ दिसम्बर ------------ २१८
२ दिसम्बर ------------ २२१
३ दिसम्बर ------------ २०६
४ दिसम्बर ------------ २७१
५ दिसम्बर ------------ २१७
अन्य वायु प्रदूषक संतोषजनक स्तर पर
५ दिसम्बर को अपराह्न ४ बजे तक जोधपुर की हवा
वायु प्रदूषक ------------ औसत----न्यूनतम----अधिकतम
पीएम-२.५ ------------ २१७ ---- ५५ ---- ३५७
पीएम-१० ------------ १७५ ----- ७४ ---- २८५
नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड- ५३ ----- ११ ----- ९१
सल्फर डाई ऑक्साइड -- १४ ----- ३ ----- ४४
कार्बन मोनोक्साइड----- २९ ----- ८ ----- १२७
ओजोन -------------- ३२ ----- ३ ----- ४८
(सांस लेने के लिए ५० तक वायु अच्छी १०० तक संतोषप्रद, २०० तक मध्यम, ३०० तक खराब, ४०० तक बेहद खराब और ५०० तक अलार्मिंग मानी जाती है।)
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