जोधपुर।
जोधपुर रेलवे वर्कशॉप में माल लदान के काम आने वाला पहला न्यू मोडिफाइड कोच (एनएमजी) तैयार कर लिया गया है। इस एनएमजी कोच की लागत करीब 10 लाख रुपए आई है। जोधपुर रेलवे वर्कशॉप को मार्च 2021 तक 40 एनएमजी कोच तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है, ऐसे में वर्कशॉप प्रतिमाह 10 एनएमजी कोच तैयार करेगा। यह कोच देशभर में दौड़ेंगे व इन कोचों से देश में चार पहिया-दो पहिया का आसानी से ट्रांसपोर्ट हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना के बाद भारतीय रेलवे में न्यू मोडिफाइड कोच (एनएमजी) की मांग बढ़ी है। यह कोच प्रदेश में पहली बार जोधपुर रेलवे वर्कशॉप में तैयार हो रहे है। वहीं अजमेर रेलवे वर्कशॉप को भी 60 कोच तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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10 टन माल ट्रांसपोर्ट
एक एनएमजी कोच में 10 टन माल या 6 से 8 चार पहिया या करीब 100 टू व्हीलर ट्रांसपोर्ट किए जा सकते है। पूरे रेक में सैंकड़ों दोपहिया-चार पहिया वाहनों का ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है। एक रेक में 24 कोच लगाए जाते है। चारों तरफ से कवर होने के कारण इनमें लदान आसान और सुरक्षित है ।
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20 साल पुराने कोच को दे रहे नया रूप
रेलवे सूत्रों के अनुसार, रेलवे यात्री गाडिय़ों के 20 साल पुराने इंडियन कोच फैक्ट्री (आइसीएफ ) कोच को एनएमजी कोच में बदल रहा है। जोधपुर और अजमेर रेल कारखाने में तैयार होने वाले एनएमजी कोच की डिजाइन डिजाइन एंड स्टेण्डर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) लखनऊ से अप्रूव हुए है।
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क्षमता 110, मिली 75 किमी प्रति घंटे दौड़ाने की अनुमति
एनएमजी कोच की रफ्तार मालगाड़ी और ट्रकों से तेज है। मालगाड़ी अधिकतम 75 किमी व ट्रकों की औसतन रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक ही है । वहीं एनएमजी कोच 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौडऩे में सक्षम है, जबकि इनको 75 किमी प्रति घंटे की ही अनुमति मिली है।
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