जोधपुर.
मतगणना से पहले ही भाजपा को एक झटका लगा है। जब पार्टी में उपेक्षा से परेशान पूर्व जिलाध्यक्ष नरेन्द्र कच्छवाह ने अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बताया जाता है कि निकाय चुनावों में टिकट फाइनल करते समय उनके सुझावों को तवज्जो नहीं दी गई और उसके द्वारा चाहे गए टिकट भी नहीं दिए गए। उन्होंने किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने की बजाय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट कच्छवाह पिछले लम्बे समय से खुद को पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे थे। निकाय चुनाव की प्रक्रिया में भी ज्यादा सक्रिय नहीं दिखे। मतदान खत्म होते ही रविवार को उन्होंने अचानक जयपुर मुख्यालय में अपना इस्तीफा भेजा है। हालांकि प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के अस्वस्थ होने के कारण जयपुर मुख्यालय से कोई जवाब नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे के कई मायने निकाले जा रहे हैं। खास बात है कि हाल ही में लोकसभा चुनाव में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत के प्रस्ताव के रूप में कच्छवाह प्रथम पंक्ति में थे। लेकिन उसके बाद से पार्टी में कोई पद पर नहीं रहे। कच्छवाह के अनुसार पार्टी के विरुद्ध जा नहीं सकते, लेकिन पार्टी में रहकर भी नुकसान नहीं देख सकते, इसलिए इस्तीफा दिया।
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