हरियाणा से पहुंचे थे दिल्ली में, पांच दिन तलाश से आए पकड़ में

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जोधपुर.
अफीम के दूध को खुर्द-बुर्द करने के संदेह में अपहरण के दो युवकों की हत्या के मामले में दिल्ली की होटल से पकड़ में आने वाले हिस्ट्रीशीटर व जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंद हार्डकोर के भाई को कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों का सुराग नहीं लग सका।
सहायक पुलिस आयुक्त (बोरानाडा) मांगीलाल ने बताया कि गत ११ नवम्बर को बोयल गांव निवासी महेन्द्र चौधरी और डांगियावास निवासी भैराराम डूडी की हत्या के मामले में फरार मूलत: नोखड़ा भाटियान हाल आरटीओ ऑफिस के पास निवासी सुरेश पुत्र भागीरथराम बिश्नोई और आरटीओ के पास निवासी हिस्ट्रीशीटर सुनील कावां पुत्र भागीरथराम बिश्नोई को बापर्दा गिरफ्तार किया गया। वहीं, जालोर में रामसीन थानान्तर्गत बासड़ा धनजी निवासी ओमप्रकाश उर्फ फौजी रिमांड पर है। वारदात में शामिल अन्य आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं।

जेल में बंद हार्डकोर ने सौंपा था जिम्मा
मृतक महेन्द्र व भैराराम अफीम की खेप लाने गोवाहाटी गए थे। महेन्द्र ट्रक के साथ लौट आया था। जबकि भैराराम विमान से जयपुर होकर जोधपुर आया था। दोनों ने कापरड़ा के पास अफीम की खेप लूट ले जाने की जानकारी दी थी। इन दोनों से अफीम का दूध बरामद कराने के लिए जेल में बंद हार्डकोर मांगीलाल ने भजनाराम फौजी व जाटी भाण्डू निवासी अनिल जाट को जिम्मा सौंपा था। इसके इशारे पर दोनों ने महेन्द्र व भैराराम के साथ फिटकासनी में वार्ता की थी, लेकिन अफीम न मिलने पर अपहरण व मारपीट कर हत्या कर दी थी। इस दौरान अन्य आरोपी भी दोनों के साथ थे।

पांच दिन से होटल में छुपे, कार गैराज में छोड़ी
पुलिस का कहना है कि गत 11 नवम्बर की देर रात हत्या के बाद शव फेंककर सभी आरोपी फरार हो गए थे। हिस्ट्रीशीटर सुनील कावां खुद की कार में था। सुरेश नोखड़ा व सुनील इस कार में हरियाणा भाग गए थे, जहां तीन दिन तक फतेहबाद में छुपे थे। वहां से दोनों भागते-भागते दिल्ली पहुंच होटल में कमरा लेकर ठहरे थे। कार होटल से कुछ दूर गैराज में खड़ी कर दी थी। मुखबिर से मिले सुराग के आधार पर कमिश्नरेट व ग्रामीण पुलिस की विशेष टीम पांच दिन तक तलाश के बाद सोमवार दोपहर होटल में दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया था। कार भी कब्जे में ली थी। कार्रवाई में कमिश्नरेट के एसआइ कन्हैयालाल व साहिबसिंह, ग्रामीण पुलिस की विशेष टीम के झूमरराम व देवाराम बिश्नोई, ओमप्रकाश व श्रवणराम शामिल थे।

पुलिस को अंदेशा : आरोपी श्रवणराम ने कराई थी लूट
पुलिस जांच में सामने आया कि न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे श्रवणराम ने दोनों मृतकों के साथ मिलकर अफीम की खेप की लूट करवाई थी। इनसे अफीम की खेप वसूलने के लिए जेल से मांगीलाल ने भजनाराम फौजी व अनिल जाट को भेजा था। इन दोनों ने अन्य युवकों को साथ लिया था। इनके साथ ओलवी निवासी सुनील चाहर भी शामिल था। जो बिलाड़ा थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट व दो-तीन अन्य मामलों में फरार चल रहा है।



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