न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में गांव लवना जिला राजसमन्द निवासी सुरेश कुमावत, गांव गूगली तहसील आमेट जिला राजसमन्द निवासी हिम्मत सिंह राव, गांव मोर तहसील गड़ी जिला बांसवाड़ा सहित 20 अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता इंद्रजीत यादव ने कहा कि गलत प्रश्नों को संशोधित किए बिना परिणाम जारी करने से याची चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। यादव ने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 09 अप्रैल 2018 को विज्ञप्ति जारी कर वरिष्ठ अध्यापक के विभिन्न विषयों के 2967 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। प्रार्थीगणों ने सामाजिक विज्ञान विषय के लिए आवेदन दिया।
लिखित परीक्षा के बाद 15 फरवरी 2019 को आयोग द्वारा भर्ती की लिखित परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी कर आपत्तियां मांगी गई, जिसमें कुछ गलत प्रश्नों को सुधार करने के लिए प्रार्थीगणों ने आपत्तियां पेश की। आयोग ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2018 की लिखित परीक्षा में गलत प्रश्नों के मामले में पेश की गई आपत्तियों को बिना निस्तारित किए और बिना संशोधित उत्तर कुंजी जारी किए ही 29 जुलाई 2019 को कुल पदों के डेढ़ गुना अभ्यर्थियों की प्रोविशनल सूची जारी कर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की और प्रार्थीगणों को भी सूची में शामिल किया गया।
दस्तावेज सत्यापन के बाद आयोग द्वारा 16 मार्च 2020 को अंतिम चयन सूची और कटऑफ माक्र्स जारी किए गए, जिसमें याची अंतिम चयन सूची से बाहर हो गए।
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