जोधपुर. समृद्धि के प्रतीक प्रकाश के महापर्व पर चल अचल संपत्तियों-सिद्धियों की अधिष्ठात्री भगवती महालक्ष्मी की अगवानी को जोधपुर शहरवासी तैयार है। असंख्य दीपमालाओं से सजे घरों के कंवळों ने अमावस्या की पूर्व संध्या पर छाए अंधकार को दूर कर लोगों के मन को उल्लास से भर दिया। दरिद्रता, मलिनता, अज्ञानता और निराशा के अंधकार को मिटाकर समृद्धि का उजियारा करने वाले महापर्व दिवाली की पूर्व संध्या पर इन्द्रधनुषी रोशनी व दीपमालाओं से समूचा जोधपुर रोशन नजर आया। शहर के ऐतिहासिक स्थलों व भवनों पर रोशनी की गई। अमावस्या को प्रदोषकाल में छाने वाले तिमिर को झिलमिल दीपमालाओं के उजास से रोशन करने के लिए जोधपुरवासी बेताब है। '
विष्णुप्रिया के वेलकम को तैयार
आनंद-उल्लास-आरोग्य, शांति व समृद्धि से जुड़े पंच महापर्व के प्रथम दिन शुकवार को रोशन बाजारों में लोगों ने महालक्ष्मी स्वागत के लिए मूर्तियां, श्रीयंत्र, पूजन चौकी, मांगलिक व ऋतुपुष्प आदि परम्परागत पूजा की सामग्री सहित आभूषण, ड्राइ फ्रूट, गृह साज सज्जा, मिष्ठान व नवीन परिधानों की खरीदारी की।
आज दोपहर 2.17 बजे तक रहेगी चतुर्दशी
शारीरिक सौन्दर्य के महत्व से जुड़े रूप चौदस के उपलक्ष्य में दरिद्रता एवं संकटनाश के लिए सौंदर्यरूप भगवान कृष्ण व धन-धान्य तथा ऐश्वर्य की प्रतीक महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा।
भाईदूज से होगा पंचपर्व का समापन
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवद्र्धन पूजन होगा। पंच महापर्व के अंतिम दिन 16 नवम्बर को भाईदूज पर भाई-बहन के प्रेम स्नेह में मधुरता और प्रगाढ़ होगी। यम द्वितीया भाई दूज के दिन विवाहित बहनें अपने भाइयों को घर आमंत्रित कर हाथों से भोजन खिलाने के बाद उनकी खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना करेंगी। इसी के साथ पंच महापर्व का समापन होगा।
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