जोधपुर
. वैश्विक कोरोना वायरस की घटना के बाद चीन व्यापारिक दृष्टि से कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। दुनिया के कई देशों ने चीन से आयातित माल को प्रतिबंध कर दिया। इनमें भारत ने भी आत्मनिर्भर भारत अभियान चलाकर चीन को व्यापारिक दृष्टि से जवाब देने की तैयारी कर ली है, जिसका असर नजर भी आ रहा है और लोगों में स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागृति आना शुरू हुई है ग्लोबलाइजेशन के समय में चाइना एक बहुत बड़ा मार्केट है। चीन से जोधपुर में प्रतिवर्ष करोड रुपयों का माल आयात होता है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक बाजार का है। जोधपुर में करीब 1500 करोड़ रुपयों के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद आयात होते है। इनके अलावा खिलौनें, कपडे, रंग रोगन का सामान, कलर, राखी जूते, दिवाली के पटाखे आदि उत्पाद भी बड़ी मात्रा में आयात हो रहे है।
--
स्वदेशी वस्तुओं के साथ व्यापारी तैयार
चीन से आयात कम होने का सबसे बड़ा फ ायदा स्थानीय निर्माताओं और व्यापारियों को हुआ है। लोग चीन का सामान खरीदना कम पसंद कर रहे है। नवरात्रि, दीपावली का सीजन चल रहा है। व्यापारियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए अलग-अलग दरों पर उत्पादों की कई वैरायटियां तैयार की है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3kl0hLP
0 comments:
Post a Comment