जोधपुर।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो जोधपुर और कोटा की ओर से शुक्रवार को नए कृषि कानूनों के बारे में आम लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से वेबीनार आयोजित की गई। वेबीनार में महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलपति डॉ नरेन्द्रसिंह राठौड ने कहा कि नए कानूनों से किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादकता में बढोतरी और कृषि क्षेत्र में नए रोजगार पैदा होने की संभावना बढेगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में उत्पादता कम होना एक बड़ी समस्या है, इसके साथ ही कृषि उत्पादों का निर्यात भी बहुत कम होता है। इस समय कृषि क्षेत्र में आय बढाने के लिए वैश्विक स्तर पर कृषि उत्पादों के नए बाजार तलाशने की जरूरत है। उन्नत कृषि तकनीक अपनाने और मशीनों के इस्तेमाल से उत्पादन में 20 प्रतिशत तक बढोतरी की जा सकती है।
भारत दुग्ध उत्पादन में विश्व में पहले नम्बर पर
डॉ राठौड़ ने बताया कि भारत दुग्ध उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर है। भारत में लगभग 19 करोड टन दूध का सालाना उत्पादन होता है। उद्यानिकी के क्षेत्र में विश्व में प्रमुख स्थान रखता है। इसके अलावा धान और गन्ने आदि के उत्पादन में भारत विश्व में प्रमुख देशों में शामिल किया जाता है लेकिन हमारे यहां खाद्य प्रसंस्करण सिर्फ 2.3 प्रतिशत कृषि उत्पादों का ही हो रहा है। फ ूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को बढावा देने से किसानों की आय बढ सकती है । केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान काजरी जोधपुर के निदेशक ओपी यादव ने बताया कि नए कृषि कानूनों से देश की कृषि संरचना को नया रूप मिलेगा। प्रादेशिक लोक सम्पर्क ब्यूरो की निदेशक ऋ तु शुक्ला ने कृषि कानूनों के बारे में जानकारी दी। वेबीनार में जोधपुर और कोटा क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो कार्यालयों के क्षेत्र में आने वाले किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, शिक्षकों और आम लोगों ने भाग लिया।
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