जोधपुर।
कोरोना काल ने पुराने साइकिलों के दौर को वापस लाने में मुख्य भूमिका निभाई है। शहर में साइकिल के मार्केट में बूम आ गया है और साइकिल हर वर्ग की पसंद बन गई है। साइकिल बाजार में आए उछाल से जहां दुकानदार खुश है कि जिस रेंज की साइकिल महीने में कभी-कभार ही बिकती थी, वहीं इस दौरान उस रेंज की साइकिलों की मांग एकाएक तीन गुना बढ़ गई है,। वहीं साइकिल बाजार में रौनक के पीछे कहीं न कहीं कोरोना ही मुख्य वजह है जिसके कई कारणों के चलते साइकिल बाजार ऊंचाई पकड़ पाया है
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फिटनेस मेन्टेन रखने में निभा रही भूमिका
वर्तमान में साइकिल फिटनेस मेन्टेन रखने में मुख्य भूमिका निभा रही है। कम उम्र के बच्चों से लेकर युवा व उम्रदराज लोग भी इन दिनों साइकिल चलाकर अपनी फि टनेस को कायम रखने का प्रयास कर रहे है। युवाओं के अलावा शहर के व्यापारी-उद्यमी वर्ग ने भी लग्जरी साइकिल को ही पसंद किया, और साइकिलिंग करते नजर आते है।
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एक्सरसाइज हो जाती है
उद्यमी मनोहर खत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर देशभर में जिम को बंद कर दिया गया। जिसके चलते जिम में एक्सरसाइज करने वाला वर्ग फ्री हो गया था, एक्सरसाइज के लिए कोई दूसरा साधन नहीं मिला तो साइकिलिंग की ओर रुख किया, जिसके चलते साइकिल की डिमांड़ बढ़ गई। साइकिलिंग से हल्की-फुल्की एक्सरसाइज हो जाती है, इम्यूनिटी पॉवर बनी रहती है।
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15 से 50 हजार तक की साइकिल
साइकिल विक्रेता श्याम वाधवानी का कहना है कि अमूमन तो 2 से 4 हजार रुपए तक की साइकिल की डिमाण्ड़ रहती थी। लेकिन इस बार खरीदार शहर का व्यापारी व उच्च वर्ग रहा, इसलिए 15 से 50 हजार रुपए तक की साइकिलों की डिमाण्ड़ काफी रही। वाधवानी ने बताया कि कोरोना काल से पहले एक माह में जहां 25-30 साइकिलें बिकती थी, इस काल के बाद करीब 100 साइकिलें प्रतिमाह बिक रही है। इन साइकिलों के अलावा बच्चों की साइकिलें भी अधिक बिकी है।
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