जोधपुर. शारदीय नवरात्रा का सातवां दिन तिथियों के मान में घटत-बढ़त के कारण शुक्रवार को होमाष्टमी के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस बार नवरात्र की अष्टमी तिथि शुक्रवार सुबह शुरू हो गई थी जो शनिवार सुबह तक ही रहेगी। पं. ओमदत्त ने बताया कि यदि अष्टमी तिथि का मान एक घटी से न्यून हो तो सप्तमी विद्धा याने सप्तमी के दिन ही महाष्टमी मनाने का विधान है। इस बार शनिवार को अष्टमी तिथि का मान एक घटी से कम रहेगा। सूर्यनगरी के विविध नवदुर्गा मंदिरों में पुजारियों की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए शुक्रवार को हवन-यज्ञ आदि धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। घरों में भी साधकों ने हवन कर खुशहाली व समृद्धि की कामना की। नेहरू पार्क के पीछे स्थित दुर्गा बाड़ी में 78 वां दुर्गा पूजन कार्यक्रम सादगी से मनाया गया। सचिव तन्मय सेन ने बताया कि कोविड-19 और धारा 144 के कारण के केवल पुजारियों की ओर से मां दुर्गा का प्रतिकात्मक पूजन किया जा रहा है।
सुबह 6.58 बाद सिद्धिदात्री स्वरूप पूजन
पंडित ओम दत्त शंकर के अनुसार शनिवार 24 अक्टूबर को सुबह 6:58 बजे तक अष्टमी के बाद पूरे दिन रात्रि भर रविवार को सुबह 7:41 बजे तक नवमी तिथि रहेगी। इसलिए 24 अक्टूबर को सुबह 6:58 के बाद नवमी में मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप का पूजन होगा। कमल के पुष्प पर विराजमान माता आठ सिद्धियां प्रदान करने वाली है ।इनकी विधिवत पूजा अर्चना कर कमल पुष्प या कमलगट्टे का अर्पण करना चाहिए। पूजा के बाद कन्याओं का पूजन करके उनको भोजन कराने का विधान है । इसके बाद 25 अक्टूबर को विजय दशमी दशहरा पर्व होगा। कुछ शास्त्रों में शिव शक्ति के संयुक्त रूप अर्धनारीश्वर स्वरूप के पूजन का भी वर्णन दिया गया है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/31z7W1G
0 comments:
Post a Comment