जोधपुर. राजस्थानी लोक, कला, संस्कृति, संगीत और गायन को देश और दुनिया में कलाकारों के माध्यम से प्रोत्साहित करने वाले और कच्छी घोड़ी नृत्य के लिए विख्यात लोक कलाकार माली छंवरलाल गहलोत का निधन हो गया। राजस्थान कला व सांस्कृतिक संस्थान के अध्यक्ष माली छंवरलाल ने जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान की विभिन्न प्रतिभाओं को राजस्थानी लोक गायकी के लिए प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाया। उनकी ओर से पेश किए जाने वाला कच्छी घोड़ी लोकनृत्य देश विदेश में मशहूर हुआ। संस्थान के सचिव जितेंद्र गहलोत ने बताया कि छंवरलाल ने पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी, वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के समक्ष अपनी कला का प्रदर्शन किया था। राजस्थानी लोक कला और संस्कृति के प्रति योगदान के लिए गहलोत को कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया है । उनके निधन पर राजस्थान के लोक कलाकारों में शोक की लहर छा गई।
छँवरलाल ने जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान की विभिन्न प्रतिभाओं को राजस्थानी लोक गायन के प्रारंभिक स्तर पर इस तरह प्रोत्साहित करना शुरू किया कि वे धीरे धीरे देश दुनिया में अपनी गायकी और प्रस्तुति से लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने लगे और कई कलाकारों के परिवारों को रोजगार मिला।
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