फलोदी. दूसरा दशक परियोजना के तत्वावधान में एपीपीआई के सहयोग से जागरियां गांव में तीन दिवसीय गैर आवासीय किशोरी जीवन कौशल प्रशिक्षण किया गया। इस प्रशिक्षण में किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुये प्रशिक्षण में आई सभी किशोरियों के हाथों को सेनेटाइज किया व मास्क वितरण किए गए। प्रशिक्षिका कंचन थानवी ने वित्तीय साक्षरता के बारे में समझाते हुए कहा कि हमें अपनी आमदनी का कुछ हिस्सा बचत करके रखना चाहिए जो हमारे बुरे वक्त में काम आ सके। हमें आवश्यक कार्यों को छोड़कर अन्य फिजूल खर्च व बुरी आदतों से बचना चाहिए। उन्होंने आत्मरक्षा के महत्व को स्पष्ट करते हुए कराटे के कुछ स्टेप्स का डेमो करके दिखाया साथ ही उन्हें बताया गया कि डर को दूर करना है तो आत्म रक्षा के गुर सीखने होंगे। प्रशिक्षण में किशोरियों को गुड टच व बैड टच के बारे में भी बताया गया। उन्हें बताया गया कि आप अलग-अलग तरह के लोंगो के साथ मिलते हैं उनमें से कुछ लोग हमें टच करते हैं। ये टच गुड भी हो सकता है और बैड भी। हमें इसकी पहचान करने की समझ होनी चाहिए।
कार्यकर्ता मनीषा चाण्डा स्वच्छता के बारे में बताते हुए कहा कि हमें बीमारियों से बचने के लिए अपनी व अपने परिवेश की साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा। प्रशिक्षिका शैलजा व्यास ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना जो कि एक भयावह रूप ले रही है। इससे बचाव के लिए हमें सरकारी गाइडलाइन की पालना करना आवश्यक है। किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण जैसे- खांसी, बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरन्त डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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