जोधपुर।
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में 25 दिन चले आंदोलन के दौरान महापड़ाव स्थल पर युवा किसान पुखराज मृत्यु के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बताए जाने पर सवाल उठाए गए है। संघ का आरोप है कि किसान आंदोलन को कुचलने के लिए षडय़ंत्र के तहत युवा किसान पुखराज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बताई थी तथा किसानों पर झूठे मुकदमें दर्ज किए गए। संघ के जिला प्रचार प्रमुख श्रवण भादू ने बताया कि आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित किया था। ऐसे में अब अगर डिस्कॉम बिना लिखित आदेश के 833 रुपए का अनुदान बंद कर गलत जारी कृषि विद्युत बिलों की जबरदस्ती वसूली पर जोर देता है, जले हुए ट्रांसफ ॉर्मर को बदलने में आनाकानी करता है या आंदोलन के दौरान हुए समझौतों का उल्लंघन करने के साथ ही किसानो पर दर्ज झूठे मुकदमों में कोई कार्यवाही करता है, तो किसान पुन: आंदोलन को मजबूर होंगे।
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सभी किसान स्वस्थ
संगठन के जिला अध्यक्ष नरेश व्यास ने बताया कि माणकलाव में चल रहे किसान आंदोलन को स्थगित कर 25 अगस्त से आंदोलन में शामिल हुए सभी किसानों को 14 दिन तक सेल्फ आइसोलेशन में जाने व कोविड के लक्षण नजर आने पर जांच की सलाह दी थी। 14 दिन की अवधि के बाद सभी किसान स्वस्थ पाए गए है।
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युवा किसान को श्रद्धांजलि दी
14 दिन आइसोलेशन में गए संगठन प्रतिनिधि व किसान सोमवार को युवा किसान पुखराज के यहां श्रदांजलि देने गए। इस दौरान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मानकराम परिहार, तुलछाराम सिंवर, रामनारायण जांगू, करणसिंह कोटेचा, गोरधनराम सियाग सहित प्रमुख कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया।
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