मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति तथा न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ में याचिकाकर्ता सिमरथाराम व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता डॉ.निखिल डुंगावत ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना 2019 लागू की थी। याची सहित कई किसानों की जानकारी में आया कि उनके नाम से मानासर ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड जिला जैसलमेर के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों ऋण उठा लिए हैं और ऋण माफी योजना में उनके नाम का ऋण माफ हो गया है, जबकि याचिकाकर्ताओं ने कोई ऋण नहीं लिया था। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने इन अनियमितता की शिकायतें की, लेकिन शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जांच प्रतिवेदन में यह माना गया कि फर्जी तरीके से ऋण उठाए गए थे और उन्हें माफ किया गया। कुछ लोगों को दोषी पाया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील बेनीवाल को नोटिस स्वीकार करने के निर्देश दिए।
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