जोधपुर. संभाग के अधिकांश हिस्सों में शनिवार को मानसूनी मेघों की अत्यधिक आवाजाही की वजह से भयंकर उमस रही। जोधपुर में दोपहर बाद काले बादल आना शुरू हुए। शाम को कई हिस्सों में आधे घंटे तक अच्छी बरसात हुई, जिससे सडक़ों पर बाळे बह निकले। घरों से पनाळे चली। ऐसा लग रहा था मानो सावन-भादौ का मानसून बरस रहा है। वैसे मानसून की पश्चिमी राजस्थान से लौटने की सामान्य तिथि 17 सितम्बर है लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र अधिक बनने की वजह से नमी लगातार आ रही है। रविवार को भी पश्चिमी हिस्से में कुछ स्थानों पर छींंटे गिर सकते हैं। सोमवार से आसमां साफ रहने की उम्मीद है। हो सकता है अगले सप्ताहांत मौसम विभाग मानसून के लौटने की घोषणा कर दे।
आधे घण्टे तक जोरदार बरसे मेघ, कई हिस्से सूखे
सूर्यनगरी में शनिवार को न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से ही हवा में अत्यधिक नमी के कारण उमस भरा मौसम था। दिन चढऩे के साथ उमस का असर बढ़ता गया। शहरवासी गर्मी के कारण बेहाल हो रहे थे। दोपहर में तापमान 37.2 डिग्री पर पहुंचा। उमस ने पसीने छुड़ा दिए। शाम पांच बजे कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी शुरू हुई। शाम 5.30 बजे पावटा, रातानाडा, एयरफोर्स, शिकारगढ़, बनाड़, महामंदिर सहित शहर के कई हिस्सों में झमाझम बरसात शुरू हुई। बरसे रहे पानी की गति तेज होने की वजह से कुछ ही देर में बाळा आ गया। मानसून का अंतिम समय होने से शहर के लोगों ने अपने-अपने घर की छत पर चढकऱ स्नान का आनंद लिया। आधे घण्टे तक तेज बारिश से सडक़ों पर पानी जमा हो गया। शाम को घर लौट रहे लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। उधर भीतरी शहर, लाल सागर व मण्डोर में केवल बंूदाबांदी ही हो सकी।
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