जोधपुर. कोरोना के चलते इन दिनों प्रदेश के अधिकतर रोडवेज डिपो की बसें सड़कों पर कम दौड़ रही है। जिसका नुकसान रोडवेजकर्मियों व जनता दोनों को उठाना पड़ रहा है। रोडवेजकर्मियों को जहां समय पर वेतन ही मिल पा रहा है तो यात्रियों को भी पर्याप्त संख्या में रूटों पर रोडवेज बसें नहीं मिल रही। जिसके चलते उन्हें निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि जनता के बीच रहने वाले चालक-परिचालक के फिडबैक के अनुसार रूटों पर डिपो अपनी बसों का संचालन करे तो उन्हें पर्याप्त यात्री भार मिल सकेगा तथा यात्रियों को भी आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।
इन रूटों पर बसों की डिमांड
जोधपुर डिपो की 120 में से महज 40 बसें ही इन दिनों रूट पर संचालित हो रही है। जबकि जोधपुर से पीपाड़, मेड़ता सिटी, खारी, अहमदाबाद, सांचौर होते हुए पाटन, जयपुर-अजमेर रूट पर बसों की डिमांड है। इन रूटों पर जोधपुर डिपो की कम बसें संचालित हो रही है। ऐसे में अधिकतर यात्री रोडवेज बसों का इन्तजार करने की अपेक्षा निजी बसों में सफर करने को मजबूर है।
दोपहर बाद नहीं उदयपुर के लिए गाड़ी
जोधपुर से दोपहर तीन व शाम पांच बजे उदयपुर के लिए बस की डिमांड है। इसको लेकर कई यात्री भी डिपो के चीफ मैनेजर से मांग कर चुके है। लेकिन जोधपुर डिपो से दोपहर बाद उदयपुर के लिए बस नहीं है।
पीपाड़-मेड़ता रूट पर महज एक बस
पीपाड़-मेड़ता सिटी रूट पर यात्रियों की डिमांड की अपेक्षा जोधपुर डिपो महज एक बस संचालित कर रहा। इनकी उदासीनता के चलते इस रूट पर निजी बस संचालक चांदी काट रहे है।
मुख्यालय भेजी डिमांड
24 अगस्त से और बसें संचालित करना चाहते है। इसको लेकर रूट स्वीकृति के लिए मुख्यालय डिमांड भेजी है। स्वीकृति मिलते ही यात्रियों की डिमांड के अनुसार और बसें रूट पर संचालित करेंगे।
- बीआर बेड़ा, मुख्य प्रबंधक, जोधपुर डिपो
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