जोधपुर.
पुलिस स्टेशन महामंदिर में शौच के बहाने लॉकअप से निकल कांस्टेबल को धक्का देकर भागे मोटरसाइकिल चोरी के आरोपी को मण्डोर थाना पुलिस ने नाका-वन के पास पीछा करके पकड़ लिया। महामंदिर थाना पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया और कोविड-१९ जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह यादव ने बताया कि नागौर जिले में पांचला गांव निवासी रामराज पुत्र हुकमाराम जाट को मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर रिमाण्ड लिया गया था। रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर उसे सोमवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए थे, लेकिन कोविड-१९ जांच रिपोर्ट न आने की वजह से उसे थाने की हवालात में ही रखा गया था। उसने मंगलवार सुबह पौने छह बजे शौच जाने की आवश्यकता बताई। तब थाने के संतरी (कांस्टेबल) ने उसे हवालात से बाहर निकाला और शौचालय की तरफ ले जाने लगा। तब उसने कांस्टेबल को धक्का दिया और बाहर की तरफ भाग निकला।
संतरी के चिल्लाने पर थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। उसकी तलाश में हुलिए व कपड़ों के आधार पर नाकाबंदी कराई गई। वह थाने के पास रेलवे ट्रैक से होकर दो घंटे बाद मण्डोर रोड स्थित नाका-वन के पास पहुंचा। किसान आंदोलन के मद्देनजर तैनात कांस्टेबल हरिनारायण को उस पर संदेह हो गया। हरिनारायण व बिशनाराम ने उसका पीछा किया और कुछ दूर आस-पास के दुकानदारों की मदद से रामराज को पकड़ लिया।
पुलिस कमिश्नर ने दिया केश रिवॉर्ड व प्रशस्ति पत्र
आरोपी को दो घंटे बाद ही पकडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल सहित मण्डोर थानाधिकारी दिलीप खदाव को १००१ रुपए, कांस्टेबल हरिनारायण व विशनाराम को ७०१-७०१ रुपए रिवॉर्ड व प्रशस्ति पत्र दिए। कांस्टेबल विनोद, मकनाराम, महेन्द्र, पिंटू व अर्जुन को प्रशस्ति पत्र दिए गए। लापरवाही बरतने वाले महामंदिर थाने के सिपाहियों के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए।
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