जेएनवीयू में पीजी में अब सीजीपीए सिस्टम, इंजीनियरिंग में ग्रेडिंग व जनरल स्ट्रीम में परसेंटेज से मिलेगा गोल्ड मैडल

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जोधपुर. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर (पीजी) में अब सीजीपीए यानी ग्रेडिंग सिस्टम लागू होगा। इसके लिए विवि की एकेडमिक काउंसिल ने मोहर लगाकर नियम निर्धारण के लिए कमेटी का गठन किया है। इंजीनियरिंग के छात्रों को सीजीपीए के अनुसार गोल्ड मैडल और सामान्य स्ट्रीम के छात्रों को अंकों के आधार पर गोल्ड मैडल मिलेगा। जेएनवीयू से सम्बद्ध कॉलेजों में पीजी में सेमेस्टर सिस्टम लागू करने का मुद्दा टाल दिया गया। इस पर विवि ने सरकार को पत्र लिखकर राजकीय कॉलेजों में पीजी में विषय बढ़ाने को लिखा है।

जेएनवीयू एकेडमिक काउंसिल की बैठक मंगलवार दोपहर 12 बजे एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज सभागार में शुरू हुई जो 4 घंटे तक चली। शिक्षकों की कमी और आधारभूत संरचना नहीं होने से स्नातक स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम पर सहमति नहीं बनी। विश्वविद्यालय में रोस्टर निर्धारण के लिए कमेटी गठित की गई है जो विवि में विभिन्न वर्गों के कुल पद का निर्धारण करके अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद बरसों से चला आ रहा विभागीय रोस्टर खत्म हो जाएगा।

आनंदम पाठ्यक्रम लागू, आचार संहिता रैफर बैक
छात्र-छात्राओं को तनाव से बचाने के लिए यूजी और पीजी के प्रथम वर्ष के नियमित छात्रों के लिए आनंदम पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इसमें अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता नहीं होगी। सोशियल वर्क के आधार पर ग्रेड मिलेगा। राजभवन की ओर से शिक्षक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों पर आचार संहिता लागू करने के लिए भेजे गए दिशा निर्देश में कुछ खामियां होने पर उसे रैफर बैक किया गया है। सुधार के बाद इसे लागू किया जाएगा।

स्नातक बीएड की डिग्री का नाम परिवर्तन
विवि में पिछले सालों शुरू किए गए बीए बीएड और बीएससी बीएड डिग्री को केवल बीएड डिग्री नाम से जारी नहीं किया जा रहा था। स्नातक की डिग्री नहीं होने से छात्र छात्राओं को जॉब में समस्या पैदा हो गई। एकेडमिक काउंसिल ने इसे स्नातक कला/विज्ञान (शिक्षा) नाम से डिग्री देने पर मोहर लगाई है।

यह भी हुए निर्णय
- एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में बिल्डिंग, कंस्ट्रक्शन एंड टेक्नोलॉजी (बीसीटी) विभाग के स्थान पर अब पेट्रोलियम विभाग खोला जाएगा।

- हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो नरेंद्र मिश्र की ओर से स्टूडेंट सर्विस बोर्ड का नाम बदलकर डीन स्टूडेंट वेलफेयर बोर्ड करने का प्रस्ताव रैफर बैक किया।

- विवि के एकेडमिक सेक्शन में रिसर्च डायरेक्टर का नया पद सृजित होगा जो पीएचडी से संबंधित तमाम कार्य देखेगा।

- पीएचडी की प्रोविजनल डिग्री अब रजिस्ट्रार के साथ एकेडमिक सेक्शन के असिस्टेंट रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर से जारी होगी।



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