जोधपुर. करीब छह माह से लॉकडाउन के बाद बंद जोधपुर के सभी प्रमुख मंदिरों व धार्मिक स्थलों को 7 सितम्बर से पुन: दर्शनार्थियों के लिए खोलने की घोषणा के बाद तैयारियां शुरू हो चुकी है। सरकार की मंजूरी के बाद मंदिरों में सेनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग सहित प्रवेश और निकासी मार्ग, मास्क की अनिवार्यता और सुरक्षा के सभी उपयों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में जोधपुर के सभी प्रमुख धर्मगुरुओं मंदिरों के पुजारियों व मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। शहरवासियों के प्रमुख आस्था स्थल रातानाडा गणेश मंदिर के पुजारी कृष्णमुरारी शर्मा ने मंदिरों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ खोलने की घोषणा को स्वागत योग्य कदम बताया है। सरकार व जिला प्रशासन की गाइडलाइन की पूरी पालना की जाएगी। कटला बाजार स्थित प्राचीन अचलनाथ मंदिर व्यवस्थापक कैलाशचन्द्र ने कहा की मंदिर में सोमवार को सर्वाधिक दर्शनार्थी आते है। वैसे भी श्रावण मास खत्म हो चुका है तो अब प्रत्येक सोमवार के अलावा दर्शनार्थियों की संख्या भी सीमित रहने से कोई दिक्कत नहीं होगी। पाल बालाजी मंदिर के महंत रामेश्वरदास वैष्णव ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा की मंदिर में भक्त दर्शन कर सकेंगे लेकिन गर्भगृह में परिक्रमा की अनुमति नहीं दी जाएगी। राइकाबाग स्थित युगलजोड़ी बाबा रामदेव मंदिर के प्रमुख सैनाचार्य अचलानंदगिरि ने कहा की मंदिर परिसर को सैनिटाइज कर ध्यान रखा जाएगा की भीड़ ज्यादा एकत्र ना हो। जूना खेड़ापति हनुमान मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट के अध्यक्ष कमलेश पुरोहित ने बताया की मंदिर में मंगलवार, शनिवार और गुरुवार को दर्शनार्थियों की संख्या अधिक होती है। मंदिर परिसर में साफ सफाई व सेनिटाइज कर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए छह फीट की दूरी पर बॉक्स मार्किंग किए जाएंगे। थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी। प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन की ओर से प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात किए जाने चाहिए।
चर्च में भी तैयारियां
जोधपुर के सबसे प्राचीन एसएम चर्च के रेव्ह. जितेन्द्रनाथ ने बताया की वैसे तो हमें पूरी गाइडलाइन का इंतजार है लेकिन हमने समरवेल मेमोरियल चर्च और कुड़ी में स्थित आराधनालय चर्च में लगी बेंच पर दो दो और शेष लोगों को बाहर कुर्सी पर बिठाने की व्यवस्था की है। चर्च के प्रवेश द्वार पर ही सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी।
गुरुद्वारा में फिलहाल लंगर नहीं
सोजतीगेट के बाहर स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा आने वाले श्रद्धालुओं को सेनिटाइजर, मास्क तथा थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया जाएगा। सचिव कुलदीपसिंह सलूजा ने बताया की प्रार्थना सभागार में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए लंगर चखाने की व्यवस्था सरकार व प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार होगी।
हिदायत के साथ होगी इबादत
अध्यात्मिक इस्लामी संस्थान दारुल उलूम इस्हाकिया के मुफ्ती-ए- आजम राजस्थान शेर मोहम्मद रिजवी ने राज्य सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा की इबादत सभी समुदाय के लोगों के लिए जरूरी है। सभी मस्जिदों में अकीदतमंदों को हिदायत के साथ मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए इबादत की इजाजत दी जाएगी। जो मस्जिद परिसर दो या तीन मंजिला है वहां नमाजियों को दूरी बनाकर पढऩे को कहा जाएगा।
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