जोधपुर. जन जन के आराध्य लोक देवता बाबा रामदेव का समाधि दिवस (पुण्य दिवस) शुक्रवार को 'बाबे री दशमी' के रूप में घरों में ही मनाया गया। मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ के समाधि मंदिर में सुबह 6 बजे बिना दर्शनार्थियों के 51 ज्योत से महाआरती के बाद मंदिर परिसर में राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान के तहत पौधरोपण किया गया। मंदिर का संचालन करने वाले पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्र चौहान ने बताया की बाबा के अवतरण दिवस और समाधि दिवस पर मंदिर में राज्य सरकार और जिला प्रशासन की गाइडलाइन की पूर्ण रूप से पालना की गई। बाबा की दशमी पर आयोजित हरयाळो राजस्थान कार्यक्रम में मंदिर के अनिल सोलंकी, शिव दहिया, महेश परिहार, नवनीत चौहान, विष्णु सोलंकी व पुरुषोत्तम राखेचा ने पौधरोपण में सहयोग किया। मंदिर परिसर में 51 ज्योत से संध्या आरती की गई।
पौधरोपण व पौधवितरण
राईका बाग स्थित युगल जोड़ी बाबा रामदेव मंदिर में बाबा की दशमी को सैनाचार्य अचलानंदगिरि के सान्निध्य में हवन के बाद क्षेत्रवासियों को राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत नीम गिलोय व नीम के पौधों का वितरण किया गया। हरयाळो राजस्थान के तहत चांदपोल बड़ा रामद्वारा के संत हरिराम शास्त्री, जूना रामद्वारा के संत अमृतराम, पीपलेश्वर महादेव मंदिर महंत शिवचेतन गिरि, फतेहसागर कबीर आश्रम के महंत प्रहलाददास, संत माधोदास, मोतीचौक रामद्वारा के संत रामरतन के सान्निध्य में समाजसेवी जसवंतसिंह कच्छवाह व रवि बुगालिया ने पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। पौध वितरण कार्यक्रम में पंकज गहलोत, गणपतसिंह राजपुरोहित, जगदीश भाटी, रघुवीरसिंह भदावत, प्रेम सैन व डॉ. दीपक सिंह कच्छवाह आदि ने सहयोग किया। सैनाचार्य ने क्षेत्रवासियों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता का संकल्प दिलाया। सरदारपुरा स्थित रामपीर मंदिर एवं अधरशिला बाबा रामदेव मंदिर में भी पुजारियों ने आरती कर कोरोना महामारी से मुक्ति की प्रार्थना की।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3gHdn3s
0 comments:
Post a Comment