कई रियलटी शो में अपने हूनर का जलवा दिखा चुके पहलवान जोशी आज जी रहे मुफलिसी में

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ओम टेलर. जोधपुर
पीतल की परात को हाथ से कागज की तरह फाडऩा। मुंह से हवा भर कर ट्यूब को फोडऩा एवं सीने के ऊपर से वाहन निकलवाना जैसे हैरतअंगेज करतब दिखा कर लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर करने वाला पहलवान अरविन्द जोशी आज मुफलिसी में जीवन गुजार रहे है। आलम यह है कि एक पहलवान को जितनी डाइट चाहिए उतनी डाइट तक नहीं ले पा रहे है। आजीविका चलाने के लिए जिम खोला लेकिन कोरोना के चलते अब वहां भी लोगों का पगफेरा कम हो रहा है। ऐसे में अपने पहलवानी के शौक को जिंदा रखना अरविन्द के लिए मुशिकल हो रहा है। अरविन्द का कहना है कि स्पोट्स कोटे से सरकारी नौकरी की राह खुलती तो शायद वह अपने गेम को आगे जारी रखते और देश-विदेश में जोधपुर का नाम रोशन करते।

महामंदिर क्षेत्र में रहने वाले 34 वर्षीय अरविन्द जोशी को पहलवानी का शौक विरासत में मिला। उनके दादा गणपत जोशी 70 के दशक में हरक्यूलिस ऑफ एशिया रहे। पिता नंदकिशोर जोशी को इंडियन सैंडो कहा जाता था। काका महेन्द्र जोशी के बाद अरविन्द भी योग व करतब दिखाकर स्ट्रांगमैन बन गए है। राज्य भर में तथा कई टीवी चैनलों पर अरविन्द अभी तक सैकड़ों बार हैरतअंगेज करबत दिखा कर कई 55 से ज्यादा अवार्ड जीत चुके है। उनका सपना है कि दो रेलवे इंजन को हाथों से रोकने का हैरतअंगेज करतब दिखाकर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड में नाम दर्ज करवाना हैं।

इन रियलटी शो में दिखा चुके है करतब
अरविन्द ने बताया कि टीवी शो शाबास इंडिया के अलावा सोनी टीवी पर आने वाले कार्यक्रम एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा में दो बार, स्टार प्लस पर आने वाले कार्यक्रम कुछ कर दिखाना हैं में एक बार विनर रह चुके है। इसके साथ ही एनडी टीवी, लाफ्टर चैलेंज जैसे शो में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके है।


तीन घंटे नियमित करते है योग, व्यायाम
अरविन्द बताते है कि वे रोजाना दो घंटे योग व एक घंटे जिम में व्यायाम कर खुद को फिट रखते है। उन्होंने सतीश चौहान, यशदीप कच्छवाह, जयप्रकाश जोशी, युवराज (बाबा जैकसन) को भी योग, स्ट्रांग मैन शो के गुर सिखाएं।

यह स्ट्रंट दिखाते है अरविन्द
हवाईजहाज को दांतों से रस्सी से खिंचना।- मालगाड़ी के 7 डिब्बों को दांतों से रस्सी के द्वारा खिंचना।- चार बाइक को हाथों से रोकना।- ट्रक के ट्यूब व गर्म पानी की थैली को मुंह से फूलाकर फोडऩा।- छाती के ऊपर से ट्रक निकलवाना।- दो चलती ट्रकों को रोकना। - पीतल की परात को कागज की तरफ फाडऩा।- तलवार व त्रिशुल को निगलना।- बाइक पर स्टंट करना।- सीने पर से जीप निकालना।- लोहे सरिए आंख व गले से मोडऩा।- दांतों से करीब दो सौ किलो से अधिक वजन उठाना।



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