जोधपुर. भगवान कृष्ण के बड़े भ्राता भगवान बलराम का जन्म दिवस रविवार को ऊब छठ (चंदनषष्ठी पर्व) के रूप में परम्परागत हर्षोल्लास से मनाया गया। सुहागिनें घर-परिवार की सुख समृद्धि के लिए सूर्यास्त बाद चंदनयुक्त जल सेवन कर व्रत का संकल्प लिया।
इसके बाद देर रात तक चन्द्रोदय होने तक खड़े रहकर उपासना एवं पौराणिक कथाओं का श्रवण किया। देर रात करीब ११.३० बजे बादलों की ओट से चन्द्रोदय होने पर अघ्र्य देकर कठिन व्रत का पारणा किया। शिव-गौरी उपासना से जुड़े पर्व पर व्रती महिलाओं, युवतियों ने घरों में बुजुर्ग महिलाओं के अलावा ऑनलाइन और मंदिर पुजारियों से पौराणिक कथाओं का श्रवण किया।
इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण जोधपुर में दो दिवसीय लॉकडाउन के कारण मंदिरों के पट बंद होने से व्रती महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के कुछ उपनगरीय क्षेत्रों में व्रती महिलाओं ने सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए मंदिरों के पट बंद होने के कारण बाहर से ही शीश नवाया। शिवालयों व कृष्ण मंदिरों में पुजारियों ने विशेष ऋतुपुष्पों का शृंगार किया।
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