जोधपुर. पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीडऩ का शिकार होकर हिंदुस्तान में शरण लेने वाले विस्थापित परिवार के 11 लोगों की मौत के बीस दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ ही है। पुलिस यह तो मान रही है कि भील परिवार की दो बेटियों ने आत्महत्या की योजना बनाई। नर्सिंग का काम करने वाली एक बेटी ने सभी को नशीले इंजेक्शन लगाए और बाद में खुद भी इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली, लेकिन अभी तक पुलिस यह पता भी नहीं लगा पाई है कि मौत का असली कारण क्या है।
जोधपुर के देचू थानान्तर्गत लोड़ता हरिदासोत गांव में पाक विस्थापित बुद्धाराम भील के परिवार के ११ लोगों के शव 10 अगस्त को खेत में बने कच्चे मकान में मिले थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने भी निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, लेकिन मौत के बाद सामने आए मृतका लक्ष्मी भील के वीडियो में जिन लोगों पर प्रताडऩा के आरोप लगाए गए हैं, उन तक भी पुलिस का हाथ नहीं पहुंच सका है। वीडियो में एक पुलिस उपअधीक्षक समेत कुछ पुलिस कर्मियों पर भी आरोप लगाए गए हैं, लेकिन किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस बोली, जांच जारी है
लक्ष्मी ने सामूहिक मृत्यु से एक दिन पहले मोबाइल में कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए थे। जिसमें उसने मण्डोर थाने की हेड कांस्टेबल पर थाने में डराने व धमकाने का आरोप लगाया था। साथ ही एसीपी पर भी वापस पाक भेजने की धमकी देने का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि निष्पक्ष जांच की बजाय पुलिस उलटा धमकाती थी। लक्ष्मी ने जोधपुर के मंडोर इलाके में रहने वाले दोनों भाइयों के ससुराल पक्ष वालों पर भी प्रताडऩा के आरोप लगाए और कुछ पाक विस्थापितों के नाम भी लिए। पुलिस ने घटना के दूसरे दिन तीन पेज का सुसाइड नोट, लक्ष्मी का मोबाइल, डायरियां व कुछ दस्तावेज जब्त किए गए थे।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुनील के.पंवार का कहना है कि सुसाइड नोट, मृतक बहनों की हैंडराइटिंग के नमूने व मोबाइल जांच के लिए एफएसएल भेजा है।
हर बात करती थी रिकॉर्ड
लक्ष्मी (40) पुत्री बुद्धाराम भील हर मोबाइल कॉल की रिकॉर्डिंग करती थी। उसके मोबाइल में एक हजार से अधिक वॉइस और अनेक वीडियो रिकॉर्डिंग मिली। वॉइस रिकॉर्डिंग में वकील, अधिवक्ता व राजनेता से बातचीत शामिल हैं। पुलिस ने प्रत्येक रिकॉर्डिंग की स्क्रिप्ट अक्षरश: टाइप करवाई है। इनकी जांच के बाद पुलिस का दावा है कि अब तक की जांच में किसी भी वार्तालाप में धमकी अथवा प्रताडऩा की बात सामने नहीं आई।
विधायक पति से मदद की गुहार
लक्ष्मी के मोबाइल में एक वॉइस रिकॉर्डिंग शेरगढ़ विधायक मीना कंवर केपति उम्मेदसिंह राठौड़ से बातचीत की भी है। लक्ष्मी ने परिवार को तंग व परेशान करने का आरोप लगाकर उनसे मदद मांगी थी। राठौड़ ने जयपुर से जोधपुर पहुंचकर कार्रवाई का विश्वास दिलाया था।
परिवार का एक मात्र सदस्य बचा जीवित
पाकिस्तान के सिंध प्रांत से बुद्धाराम भील का परिवार पांच साल पहले जोधपुर आया था। परिवार के सभी सदस्य लोड़ता हरिदासोत गांव में खेतीहर मजदूर के रूप में खेत में ही बने पड़वे (कच्चे मकान) में रहते थे। गत ९ अगस्त को बुद्धाराम (75) पुत्र पूनाराम, पत्नी अंतरादेवी (70), पुत्र रवि (३५), पुत्री लक्ष्मी (४०), प्रिया उर्फ प्यारी (२५) व सुमन (२२), पौत्र दयाल (११), दानिश (१०) व पौत्री दीया (५), नवासा तैन (१२) पुत्र सूरजाराम और नवासी मुकद्दश (१७) के शव मिले थे। परिवार में अब सिर्फ बुद्धाराम का बड़ा बेटा केवलराम ही जिंदा बचा है। बरसों पहले पाकिस्तान से आई बुद्धाराम की एक बेटी पास के चोमूं गांव में रहती है। उसका बेटा व बेटी भी मृत पाए गए थे।
टाइम लाइन
09 अगस्त----लोड़ता गांव में मिले 11 लोगों के शव
10 अगस्त----मेडिकल बोर्ड से जोधपुर में पोस्टमार्टम
10 अगस्त----जोधपुर के सूथला श्मशान घाट में सामूहिक अन्त्येष्टि
11 अगस्त---मृतका लक्ष्मी के मौत से पहले बनाए वीडियो वायरल
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