जोधपुर।
टेक्सटाइल उद्यमी अब अपनी इकाई के प्लांट व मशीनरी दूसरी अन्य टेक्सटाइल इकाइयों में ट्रांसफर कर सकेंगे। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने जोधपुर के अलावा पाली, बालोतरा, बिठुजा और जासोल स्थित कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीइटीपी) की सदस्यता प्राप्त टेक्सटाइल इकाइयों को यह अनुमति दी है। प्रदूषण मण्डल के इस निर्णय से जोधपुर संभाग की करीब पांच हजार इकाइयां लाभान्वित होंगी। ऐसी इकाइयां, जो प्लांट व मशीनरी का ट्रांसफर करना चाहती है व जिन इकाइयों में ट्रांसफर होना है, उन दोनों इकाइयों के पास मण्डल की सहमति के साथ ही दोनों इकाइयों का सीइटीपी का सदस्य होना जरुरी होगा। दोनों इकाईयों के पास सीइटीपी ट्रस्ट से ट्रांसफर करने की अनुमति होनी चाहिए। जो जिला स्तरीय निगरानी समिति से भी विधिवत स्वीकृत भी होनी चाहिए।
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उद्यमी लंबे समय से कर रहे थे मांग
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के सदस्य सचिव डॉ विजय सिंघल के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की ओर से अब तक टेक्सटाइल इकाइयों को अन्य इकाइयों में प्लांट व मशीनरी की अनुमति नहीं थी। टेक्सटाइल उद्यमियों की मांग पर प्लांट व मशीनरी के ट्रांसफर का निर्णय लिया गया।
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जिन टेक्सटाइल उद्यमियों के पास ऑर्डर व काम है लेकिन प्लांट व मशीनरी नहीं है। ऐसे में, प्लांट व मशीनरी के ट्रांसफर से उद्यमी का काम आसान हो जाएगा। वहीं जिनके पास प्लांट-मशीनरी है लेकिन काम नहीं है, वे अपने प्लांट-मशीनरी जरुरतमंद उद्यमी को ट्रांसफर कर सकेंगे।
मनोहर खत्री, टेक्सटाइल उद्यमी व कोषाध्यक्ष
जोधपुर प्रदूषण निवारण ट्रस्ट
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