लॉकडाउन : हम घरों में और कोरोना काबू में था, अनलॉक : तीन गुना हुए संक्रमित, दर भी बेकाबू

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. 70 दिन हमारा शहर लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन में रहा। हम घरों में रहे और कोरोना भी काबू में। लेकिन जैसे ही अनलॉक हुआ तो कोरोना की चाल भी बेकाबू होने लगी है। 31 मई को शहर में जितने संक्रमित थे अब उससे तीन गुना है। पॉजिटिव रेट भी बढ़ चुकी है। मृत्यु दर में ज्यादा उछाल तो नहीं है, लेकिन संख्या लगातार 100 के करीब पहुंच रही है। प्रशासन का जागरूकता अभियान भी कुछ खास सफल होता नहीं दिख रहा। पूरी जिम्मेदारी अब आमजन की है। अगर ऐसे ही हमने लापरवाही जारी रखी तो प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या लगातार नए ग्राफ बनाती जाएगी।

लॉकडाउन वर्सेज अनलॉक

1. 50 दिन में तीन गुना केस : 31 मई को यानि लॉकडाउन के अंतिम दिन तक जिले में संक्रमितों की संख्या 1530 थी। अब 4831 संक्रमित है। यानि 50 दिन में केस तीन गुना हो चुके हैं।

2. एक्टिव केस भी तीन गुना : 31 मई को जिले में एक्टिव केस 385 थे। औसतन 400 के आस-पास रहते थे। लेकिन अभी एक हजार से ज्यादा है। सोमवार शाम तक 1200 एक्टिव केस। यानि करीब तीन गुना केस हैं।

3. पॉजिटिव रेट डबल : 31 मई को प्रतिदिन की औसतन पॉजिटिव रेट यानि कुल सैम्पल में से संक्रमित मिलने का औसत 1.55 प्रतिशत था। अभी प्रतिदिन यह औसत 3 प्रतिशत से ज्यादा आ रहा है।

4. सैम्पल भी तीन गुना से कम : 31 मई तक जिले में 77595 सैम्पल लिए गए थे। अब तक 215223 सैम्पल लिए जा चुके हैं। जो कि तीन गुना से थोड़ा कम है।

5. मृत्युदर : 31 मई तक जिले में 19 मौतें संक्रमितों की हुई थी और मृत्युदर 1.24 प्रतिशत थी। लेकिन अब जिले में 84 मौतें हो चुकी हैं और मृत्युदर बढकऱ 1.8 प्रतिशत है।

--------------

पॉजीटिविटी रेट

लॉकडाउन प्रथम में 2.35 प्रतिशत

लॉकडाउन द्वितीय में 3.12 प्रतिशत

लॉकडाउन तृतीय में 1.58 प्रतिशत

लॉकडाउन चार में 1.5 प्रतिशत

अनलॉक में अब तक यह दर - 2.39 प्रतिशत है।

--------------

जिला कलक्टर इंद्रजीतसिंह से बातचीत

पत्रिका - जिस प्रकार से केस बढ़ रहे हैं, क्या बड़ी वजह है?कलक्टर - यह बात तो सही है कि लोगों ने इसे कैजुअल लेना शुरू कर दिया है। जबकि कोरोना पर जीत के लिए फोकस बनाए रखना जरूरी है। पब्लिक को इसकी गंभीरता जाननी होगी।

पत्रिका- प्रशासन ने कहीं थोड़ी सख्ती करे, कंटनेमेंट जोन बढ़ाए तो कुछ काबू कर सकते है?कलक्टर - अभी हमने कंटेनमेंट जोन बनाना शुरू किया है। 10 से ज्यादा नए जोन बनाए हैं। इंसीडेंट कमांडर को लगातार उस क्षेत्र की पॉजिटिव रेट पर नजर रखने को बोला है। जरूरत पड़ी तो इन जोन में सख्ती भी करेंगे। लेकिन इस बात का ध्यान भी रखना होता है कि कोई ऐसा व्यक्ति जो संक्रमित नहीं है और हर दिन कमा कर खाने वाला है वह परेशान न हो जाए।

पत्रिका - नियंत्रण की क्या प्लानिंग है?कलक्टर - जीवन रक्षा अभियान शुरू किया ही था। आइइसी रेगुलेशन पर फोकस कर रहे हैं। सर्वे-टेस्टिंग बढ़ा रहे हैं और ट्रीटमेंट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर फोकस है।

पत्रिका - ग्रामीण क्षेत्रों में भी केस लगातार बढ़ रहे हैं, उसके लिए कोई प्लान?कलक्टर - रियलिटी को पकड़ रहे हैं। बिलाड़ा में कोविड केयर सेंटर एक्टिव कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां और ऐसे सेंटर की जरूरत पड़ी तो शुरू करेंगे। जिससे कि वहां के मरीजों का दबाव शहर में ज्यादा न पड़े।

पत्रिका - ‘स्पाइक सिचुएशन’ यानि एकदम संक्रमितों का आंकड़ा व दर बढ़ती है तो क्या व्यवस्था है?कलक्टर - ट्रीटमेंट पर फोकस कर रहे हैं। हमारे पास बैड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बैड और साथ ही कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था पुख्ता है। यदि ऐसी परिस्थिति आती भी है तो उसका समाधान करने के लिए तैयार हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/32HkuFB
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment