जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट करने का अप्रत्यक्ष तौर पर शुल्क वसूल रहा है। राज्य सरकार की अब तक की घोषणानुसार इस साल परीक्षा नहीं होगी, विद्यार्थी सीधे अगली कक्षा में प्रमोट होंगे। जेएनवीयू भी ऐसा करेगा, लेकिन फिर भी विवि प्रशासन स्नातकोत्तर और बीएड के छात्र-छात्राओं से न केवल परीक्षा आवेदन पत्र भरवा रहा है वरन् उसके साथ परीक्षा शुल्क भी ले रहा है। विवि प्रशासन के पास इसका कोई तर्क भी नहीं है।
जेएनवीयू सहित प्रदेश के अधिकांश विवि में फरवरी-मार्च में स्वयंपाठी परीक्षाएं हो गई। स्नातक की परीक्षाएं मार्च में शुरू हुई थी और कुछ परीक्षाओं के बाद लॉक डाउन लग गया था। स्नातक के विद्यार्थी अपना परीक्षा आवेदन पत्र व परीक्षा शुल्क गत वर्ष अक्टूबर से दिसम्बर तक भर चुके थे। विवि में स्नातकोत्तर में सेमेस्टर प्रणाली है। जनवरी-फरवरी में उनका पहला सेमेस्टर खत्म हो गया था और जून-जुलाई में अब अगले सेमेस्टर की परीक्षा होनी थी। अब यह परीक्षा तो होगी नहीं, बावजूद इसके विवि प्रशासन परीक्षा आवेदन पत्र मय शुल्क भरवा रहा है। एमए, एमकॉम, एमएससी, बीएबीएड, बीएससी बीएड कक्षाओं से 900 रुपए से लेकर 1300 रुपए तक परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है।
शिक्षकों को भी कॉपी जांचने के नहीं देने हैं पैसे
विवि प्रशासन का यह तर्क है कि परीक्षा शुल्क के पैसे से डिग्री व अंकतालिका दी जाएगी, जबकि विवि प्रवेश शुल्क के साथ ही डिग्री व अंकतालिका का शुल्क ले चुका होता है। विद्यार्थियों द्वारा लिए गए परीक्षा शुल्क में से शिक्षकों को उत्तर पुस्तिकाएं जांचने के भी पैसे मिलते हैं, जबकि इस बार प्रमोट होने पर शिक्षकों का यह शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा।
स्नातक से वसूले हैं इसलिए स्नातकोत्तर से भी लेंगे
विवि प्रशासन का तर्क है कि स्नातक के विद्यार्थियों से परीक्षा आवेदन पत्र व परीक्षा शुल्क लिया है इसलिए स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों से भी लिया जाएगा, जबकि स्नातकोत्तर के विद्यार्थी इस शैक्षणिक सत्र के पहले सेमेस्टर में परीक्षा आवेदन पत्र व परीक्षा शुल्क दे चुके हैं।
पेंशन के लिए जोड़तोड़
दरअसल विवि प्रशासन आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विवि प्रशासन ने अपने 1500 पेंशनर्स की मई व जून महीने की पेंशन अटका रखी थी। प्रोविजनल प्रवेश शुल्क के बाद अब परीक्षा शुल्क के जरिए वह पेंशन राशि इकठ्ठा करने की जुगत में है।
पूरी प्रक्रिया फॉलो करनी पड़ेगी
अभी छात्रों का प्रमोट करने का ही है। लेकिन इसके लिए भी पूरी प्रक्रिया फॉलो करनी ही पड़ेगी। इसलिए परीक्षा आवेदन के साथ परीक्षा शुल्क भी लिया जा रहा है। हो सकता है कोविड-19 स्थिति में सुधार आ जाए तो हम परीक्षा ले लेंवे।
प्रो जैताराम बिश्नोई, परीक्षा नियंत्रक, जेएनवीयू जोधपुर
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