जोधपुर।
वैश्विक महामारी कोविड़19 का मुकाबला करने के लिए अब जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय व डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय आगे आए है। दोनों विश्वविद्यालय मिलकर विभिन्न औषधीय फसलों के आयुर्वेद औषधियों के उपयोग में शोध करेंगे। कृषि विवि इसबगोल, असालिया, चीया, जीरा सहित नवीन भविष्य की फ सलें चीया, क्विनोवा, कैमोमाइल आदि फ सलों पर शोध कर रहा है। कृषि विवि आयुर्वेद विवि के साथ मिलकर शोध करेगा, ताकि इन फ सलों का आयुर्वेद औषधियों में भी उपयोग हो सके। इसके लिए दोनों विश्वविद्यालयो के बीच एमओयू किया गया।
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कुलपतियों ने किए एमओयू पर हस्ताक्षर
कृषि विवि के कुलपति डॉ बीआर चौधरी व आयुर्वेद विवि के कुलपति डॉ अभिमन्युकुमार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ बीएस भीमावत, डॉ ईश्वरसिंह, निदेशक प्रसार शिक्षा, कुल सचिव अरुण कुमार पुरोहित, डॉ एमएल मेहरिया, सीताराम कुम्हेर सहित आर्युवेद विवि के निदेशक, अधिष्ठाता उपस्थित थे।
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एमओयू का उद्देश्य उपयोगी औषधियों की खोज करना है। एमओयू के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं का उपयोग नवीन शोध के लिये कर सकेगें ।
डॉ बीआर चौधरी, कुलपति
कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर
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एमओयू के तहत कृषि विवि विभिन्न औषधीय फ सलों का उत्पादन करेगा व आर्युवेद विवि इनके औषधीय गुणों का अध्ययन करेगा।
डॉ अभिमन्युकुमार, कुलपति
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय
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