जोधपुर। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) जोधपुर के छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के छात्र रहे विक्रांत का शव 14 अगस्त, 2017 को मंडोर रेलवे स्टेशन की पटरी के पास पाया गया था। घटना के बाद यूनिवर्सिटी ने जांच के लिए प्रयास करने की बजाय इसे आत्महत्या घोषित कर दिया। विक्रांत के पिता जयंत कुमार ने मृत्यु के कारणों की जांच के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के कई बार प्रयास किए, लेकिन पुलिस ने कार्यवाही नहीं की। लगातार प्रयासों के बाद जून, 2018 में सीआईडी सीबी ने एफआईआर दर्ज की। इस एफआईआर के दर्ज होने के बावजूद अनुसंधान में कोई प्रगति नहीं हुई, जिसे हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया गया था। हाईकोर्ट ने इसी साल फरवरी में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी थी। इस मामले को सीबीआई जांच के आदेश की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट में पेश करने पर सोमवार को न्यायाधीश आरएफ नरीमन, नवीन सिन्हा और बीआर गवई ने राज्य सरकार को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई जुलाई के पहले सप्ताह में होगी। विक्रम की मां श्रीमती नीतू ने याचिका में कहा कि राजस्थान पुलिस जांच के प्रति लापरवाह रही है। शरीर पर चोटों की प्रकृति आत्महत्या का परिणाम नहीं हो सकती है। जिस स्थान पर शव मिला था, उसके आसपास मजदूरों के बयान और शरीर की स्थिति पर भरोसा करते हुए, उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद शव को ले जाया गया और पटरियों के पास छोड़ दिया गया। याचिका के अनुसार घटना के 10 महीने बाद तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी और लगभग तीन साल बाद, अभी तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। यह आरोप भी लगाया गया है कि पुलिस ने कई विश्वसनीय गवाहों को नजरअंदाज किया।
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