मौसेरी बहन की हत्या के मामले में आर्थिक तंगी से पुत्री का अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे परिजन

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जोधपुर. भदवासिया की अशोक कॉलोनी में मौसेरे भाई से हत्या का शिकार होने वाली बालिका का परिजन अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाए। आर्थिक तंगी के चलते परिजन ने असमर्थता जताने पर पुलिस ने शव hindu सेवा मण्डल को सौंप दिया। जबकि युवक का शव अभी तक महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखा है। थानाधिकारी दिलीप खदाव के अनुसार अशोक कॉलोनी निवासी बारह वर्षीय बालिका की हत्या के संबंध में मां की तरफ से गोविंद चौबे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

कोविड-19 जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर दोनों शव के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराए गए। बालिका की मां ने आर्थिक तंगी के चलते बेटी के शव का अंतिम संस्कार करने में असमर्थता जता दी। तब पुलिस ने hindu सेवा मण्डल को शव सुपुर्द किया। जिन्होंने hindu रीति-रिवाज से शव का अंतिम संस्कार किया। उधर, पुलिस ने हत्या के आरोपी व आत्महत्या करने वाले गोविंद चौबे के पिता को जोधपुर बुलाया है, लेकिन वो अभी तक जोधपुर नहीं आए हैं। ऐसे में शव मोर्चरी में ही रखा हुआ है।

सैन्य के लिए वेट मशीन खरीदने का झांसा देकर 85 हजार निकाले
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 11 में कांटे-तराजू का व्यवसाय करने वाले एक व्यापारी से सेना के जवानों के लिए वेट मशीन खरीदने का झांसा देकर अग्रिम भुगतान करने के बहाने फोन-पे ऐप से व्यापारी व उसके दो परिचित के खातों से 85 हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस के अनुसार चौहाबो सेक्टर 11 निवासी भरत पुत्र गोविंद गुजराती के पास मंगलवार को एक व्यक्ति का कॉल आया। खुद को सेना का परचेज अधिकारी बताते हुए उसने कहा कि सेना के जवानों के लिए वजन करने की मशीन खरीदने है। व्यापारी ने उसे व्हॉट्सऐप पर मशीन के फोटो भेजे। पसंद आने पर नौ हजार रुपए में सौदा तय हुआ।

व्यापारी ने मशीन के लिए अग्रिम भुगतान की शर्त रखी। ठग ने फोन-पे या गूगल-पे ऐप से भुगतान करने का कहा, लेकिन व्यापारी ने असमर्थता जता दी। उसने पड़ोसी दिनेश गौड़ को बुलाया। जिसके पास फोन-पे का खाता है। उसने अपना फोन-पे खाता नम्बर बताए। ठग ने पहले पांच रुपए जमा कराए और फिर उसके खाते से साठ हजार रुपए निकाल लिए। इसका पता लगा तो व्यापारी ने एक अन्य परिचित सौरभ पाठक को बुलाया। उसने अपने फोन-पे ऐप से रुपए वापस लाने की कोशिश की, लेकिन उसके खाते से भी 25 हजार रुपए निकाल लिए गए।



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