जोधपुर. जानलेवा हमले के एक मामले में बतौर प्रत्यक्षदर्शी गवाही देने को लेकर चल रही रंजिश में बम्बोर के समीप कुछ युवकों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। सात दिन बाद भी हमलावरों के पकड़ में न आने पर परिजन पुलिस कमिश्नर के समक्ष पेश हुए और जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
बालेसर तहसील में भाटेलाई पुरोहितान निवासी डूंगरसिंह राजपुरोहित ने बताया कि अप्रेल में गांव में जानलेवा हमले के मामले में भाई पेंपसिंह प्रत्यक्षदर्शी था। उसने न सिर्फ वीडियो बनाया था, बल्कि आरोपियों के खिलाफ गवाही भी दी थी। इसको लेकर आरोपी पक्ष रंजिश रखे हुए हैं।
गत सात जून की शाम भाई पेंपसिंह अपने पुत्र अमरदीप के स्वास्थ्य जांच कराने के लिए बम्बोर गया था। लौटने के दौरान रास्ते में सात-आठ व्यक्तियों ने पेंपसिंह को रोक पिता-पुत्र से मारपीट की थी। जानलेवा हमले में पेंपसिंह गंभीर घायल हो गया था। उसे मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया था, जहां से इलाज के बीच ही घर भेज दिया था। परिजन उसे मंडोर क्षेत्र में निजी अस्पताल ले गए थे, जहां तबीयत खराब होने पर एमडीएम अस्पताल रैफर कर दिया गया था, जो अभी भी भर्ती है।
हमले के दो दिन बाद ९ जून को झंवर थाना पुलिस ने डूंगरसिंह की ओर से मनोहरसिंह, तेजसिंह, जगदीशसिंह, रामसिंह, दिनेशसिंह, रमेशसिंह व पुखसिंह के खिलाफ जानलेवा हमला, अपहरण के प्रयास व लूट का मामला दर्ज किया था। उधर, दूसरे पक्ष से तेजसिंह ने घायल के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज करवा रखा है। इसके बावजूद आरोपी अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं। थानाधिकारी परमेश्वरी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आइआर रिपोर्ट पर चिकित्सक से राय लेनी है। आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।
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