जोधपुर. हत्या व जानलेवा हमले के मामलों में वांछित दस हजार रुपए का इनामी बदमाश राजू मांजू पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। व्हॉट्सऐप कॉलिंग व एसयूवी वाहन में सवार होने की वजह से पुलिस उसे पकडऩे में नाकाम साबित हो रही है। दो दिन पहले खेत में पार्टी करने के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने नोखड़ा व आस-पास के गांवों में दबिश दी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका।
लोहावट में जम्भेश्वर नगर निवासी हिस्ट्रीशीटर व हार्डकोर राजू मांजू को पुलिस कई महीनों से तलाश कर रही है। चाडी गांव में हिस्ट्रीशीटर पर हमले के बाद पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) जोधपुर ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद पुलिस को उसके बारे में कोई सुराग नहीं मिल रहा है। जबकि वह खुलेआम घूम रहा है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी सामान्य कॉलिंग की बजाय व्हॉट्सऐप कॉल से एक-दूसरे के सम्पर्क में है। साथ ही वे लग्जरी व एसयूवी वाहनों का उपयोग करते हैं। उनकी तुलना में पुलिस के पास वाहन नहीं है। यही वजह है कि पुलिस इन तक पहुंच नहीं पा रही है।
पिता की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए छीन चुका है आरोपी
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के प्रथम पुलिया के पास दो कांस्टेबल से मारपीट व वर्दी फाडऩे के आरोपी को देवनगर थाना पुलिस ने शुक्रवार को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया गया। घरेलू विवाद के चलते आरोपी ने एक साल पहले पेचकस से अपने ही पिता की आंख फोड़ डाली थी। जिससे पिता ने एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए खो दी थी। अब वो एक आंख के भरोसे जी रहे हैं।
थानाधिकारी सोमकरण के अनुसार प्रकरण में मसूरिया बलदेव नगर निवासी मुकेश कुमार प्रजापत (40) को गिरफ्तार किया गया था। कोविड-19 जांच के लिए नमूने लेने के बाद उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से मुकेश को जेल भेजने के आदेश दिए गए। कोविड-19 जांच रिपोर्ट आने तक उसे जेल वार्ड में दाखिल करवा दिया गया।
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