दिनदहाड़े वृद्धा से मोबाइल छीना, दो थानों के चक्कर काटे, पुलिस ने लूट का मामला गुमशुदगी में दर्ज की इतिश्री

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जोधपुर. शहर के कायलाना झील रोड पर दिनदहाड़े स्कूटी पर जा रहे एक वृद्ध दम्पति के हाथ से दो बदमाश मोबाइल छीन कर भाग गए। पुलिस को सूचना दी तो राजीव गांधी नगर थाने बुलाया। अपना क्षेत्र नहीं होने का हवाला देते हुए यहां से प्रतापनगर थाना भेजा। वहां के जिम्मेदार पुलिस अधिकारी ने लूट की घटना को गुमशुदगी में दर्जकर वृद्ध दम्पति को यह कहते हुए रवाना कर दिया।

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी 70 वर्षीय कृष्णा यादव अपने पति फूलचंद यादव (75) के साथ शनिवार दोपहर को कायलाना झील पर घूमने गए। वापस घर की ओर जा रहे थे। कृष्णादेवी मोबाइल से प्राकृतिक नजारे का वीडियो बना रही थी। इस दौरान तेजी से एक बाइक पर दो बदमाश आए ओर उनके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गए। वृद्ध दम्पति कायलाना झील पहुंचे लोगों से पूछताछ की तथा वहां लिखे राजीव गांधी नगर थाने के नम्बर पर कॉल कर घटना की जानकारी दी तो उन्हें थाने बुला दिया। वहां पहुंच उन्होंने घटना बताई तो यहां के अधिकारियों ने घटना स्थल प्रतानगर थाना क्षेत्र का होने का हवाला देते हुए उन्हें वहां भेज दिया। पुलिस ने खुद की टेंशन कम करने के लिए लूट का मामला गुमशुदगी में दर्जकर इतिश्री कर ली।

इसलिए लूट का मामला दर्ज करने से बचती है पुलिस
वृद्धा के साथ हुई घटना धारा 392 के तहत लूट में दर्ज होनी थी लेकिन प्रताप नगर थाना पुलिस ने गुमशुदगी की। क्योंकि गुमशुदगी में पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बनती। जबकि लूट का मामला दर्ज करने पर पुलिस को मामले के लिए किसी पुलिस अधिकारी को लगाना पड़ता। उन्हें मौका रिपोर्ट बनाने, गवाहों के बयान लेने, अपराधी की तलाश करने, मोबाइल बरामद करने आदि की कार्रवाई करनी पड़ती है। इसके साथ ही जब तक अपराधी न पकड़ा जाए ओर मोबाइल बरामद न हो तब तक मामला पेडिंग रहता है। इससे बचने एवं अपने थानेका रेकर्ड बढिय़ा रखने के चक्कर में पुलिस मोबाइल लूट के मामले गुमशुदगी में दर्ज करती है।

पुलिस कार्रवाई करती तो मिल जाता मोबाइल
फूलचंद यादव ने बताया कि मैने दूसरे नम्बर से कॉल किया तो बदमाश ने अशोक नगर बुलाया तथा मोबाइल देने के बदले खर्ची लेने की बात कही। रिपोर्ट लगाने के लिए दो थानों के चक्कर काटने में ही दो घंटे लग गए। तब तक बदमाश ने फोन भी बंद कर दिया। गनीमत रही कि मोबाइल छीनने की घटना के दौरान हम स्कूटी से नीचे नहीं गिरे वरना घायल भी हो जाते।

थाने जाकर पता करता हूं
मोबाइल छीनकर कोई भागा है तो मामला लूट की धारा में ही दर्ज होना चाहिए। गुमशुदगी दर्ज की हैं या नहीं यह थाने जाकर पता करता हूं।
- अमित सियाग, थानाप्रभारी, प्रतापनगर



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