जोधपुर. देश-विदेश में कोरोना को लेकर सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन अब जोधपुर में धीरे-धीरे कोरोना मरीजों की सारसंभाल में अब चिकित्सा अधिकारियों ने ढिलाई बरतनी शुरू कर दी है। प्रतापनगर यूआईटी कॉलोनी डी-98 निवासी सरस डेयरी में कार्यरत रोगी (58) गत रविवार को संक्रमित आए थे। इस रोगी के घर चिकित्सा विभाग से एक भी कर्मचारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा।
इस रोगी को रविवार को ही फोन आया था कि वे पॉजिटिव हैं, अपने घर में अलग रहे। जबकि रोगी से किसी प्रकार की इच्छा भी नहीं पूछी गई कि उनके घर में किस प्रकार की सुविधा है। एकदम से रिपोर्ट पॉजिटिव बताने पर रोगी के घर वाले भय में आ गए। वहीं रोगी के पुत्र ने दो-तीन दिन बाद घर के निकट राजकीय प्रतापनगर सैटेलाइट अस्पताल में जाकर खुद की और बहन-मां की जांच कराई। यहां मौजूद एक जिम्मेदार ने कहा कि वे पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर खदीद ले। रोज उन्हें रिर्पोटिंग कर बता दे। रोगी सरस डेयरी में स्टोर इंचार्ज है। हालांकि उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं है।
पहले खुद जाते चिकित्साकर्मी, पूरे मोहल्ले को पता लगता
कोरोना वायरस के रोगी शुरुआत में मिलने पर पुलिस की ओर से संक्रमित के घर के आसपास रास्ते बंद किए जाते थे। चिकित्सा अधिकारी स्वयं रोगी को लेने जाते। वहीं इन दिनों कई रोगियों को होम आइसोलेशन में रखा हुआ है। ऐसे में अब ये हालात हो गए हैं कि रोगियों की चिकित्सा अधिकारी समुचित देखभाल भी नहीं कर रहे है।
इनका कहना है...
हम हरेक व्यक्ति से कांटेक्ट करते है। इस रोगी की हमें डिटेल भेजिए। ऐसा नहीं हो सकता है।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ
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