अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. सूर्यनगरी में कोरोना ने शहरवासियों का हाल बेहाल कर रखा है। अस्पतालों में रूटिन होने वाले ऑपरेशन पर कोरोना व लॉकडाउन के कारण ब्रेक लग गया है। शहर में कई लोग अपने छोटे-बड़े ऑपरेशन व मर्ज से छुटकारा पाने के लिए धैर्य बांधे बैठे हैं। ज्यादातर लोग कोरोना काल निकलने व डॉक्टर्स से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जोधपुर को लेकर गत दो माह की बात की जाए तो यहां दो से ढाई हजार ऑपरेशन टले हैं। ये सभी प्लान ऑपरेशन की श्रेणी में आते हैं। अस्पतालों में केवल इमरजेंसी ऑपरेशन को ही देखा जा रहा है।
उपचार कराना भी बना चुनौती
इन दिनों जोधपुर रेड जोन में है। गंभीर बीमारियों के अलावा पुलिस भी कई लोगों को ज्यादा से इधर से उधर नहीं जाने दे रही है। ऐसे में कई लोग अपने बीमारियों को दिखाने के लिए बड़े सेंटर की तरफ नहीं जा पा रहे हैं। जबकि सरकारी अस्पतालों में भी केवल इमरजेंसी केस ही देखे जा रहे हैं। विशेषकर अस्पतालों में सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी व इएनटी सहित कई तरह के ऑपरेशन कार्य प्रभावित हुए हैं।
धीरे-धीरे बढ़ा रहे गति
हमने इमरजेंसी में खूब ऑपरेशन किए हैं। आउटडोर भी अप्रेल माह में हमारा हजारों में रहा। सिजेरियन किए। फिलहाल एकदम से अधिक ऑपरेशन तो कर नहीं सकते। धीरे-धीरे सभी कार्र्यों को सुचारू किया जा रहा है।
-डॉ. जीएल मीणा, प्रिंसिपल, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
इमरजेंसी ऑपरेशन हो रहेहमारे यहां केवल इमरजेंसी व आवश्यक ऑपरेशन हो रहे हैं। कोरोना के कारण ऑपरेशन की संख्या घटी है।
-डॉ. महेन्द्र आसेरी, अधीक्षक, एमडीएम अस्पताल
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