जोधपुर. डेजर्ट लोकस्ट यानी रेगिस्तानी टिड्डी एक महीने पहले ही स्प्रिंग ब्रीडिंग से समर ब्रीडिंग में प्रवेश कर गई है। पाकिस्तान में भारी टिड्डी होने से वहां थारपारकर व नारा रेगिस्तान में बची-खुची वनस्पति गायब हो गई है। पेट भरने के लिए टिड्डी का रुख बाड़मेर के गडरा रोड और जैसलमेर के धनाना गांव से भारत की ओर हो रहा है। अजमेर तक पहुंची टिड्डी ने मंगलवार को हवा का रुख बदलने से वापस नागौर की ओर रख कर लिया है।
उधर जोधपुर के फलोदी में भी टिड्डी के विरुद्ध ऑपरेशन जारी है। दस दिन में ही 15 हजार हेक्टयेर क्षेत्र में टिड्डी पर स्प्रे किया जा चुका है। पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान होते हुए अब जल्द ही बड़े टिड्डी दल आएंगे। संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन ने मई-जून महीने में बड़े हमले की आशंका जताई थी, लेकिन अब यह समय से पहले होगा।
ट्रेक्टर मालिक किसान खुद लड़ेंगे टिड्डी से
जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ)और राज्य सरकार ने मिलकर टिड्डी के विरुद्ध ऑपरेशन शुरू कर दिया है। प्रदेश में किसानों का सर्वे हो रहा है। ट्रेक्टर वाले किसानों को ग्राम सहकारी सेवा समिति से स्वयं ही पेस्टीसाइड खरीदकर टिड्डी को रोकना होगा ताकि टिड्डी को आगे बढऩे से पहले ही खत्म किया जा सके। राज्य सरकार ने एलडब्ल्यूओ को 600 ट्रेक्टर किराए पर खरीदने की भी अनुमति दे दी है।
138 सर्वे टीम, 45 गाडिय़ां
प्रदेश में फिलहाल 45 गाडिय़ों के माध्यम से 138 टीमें सर्वे कर रही है। 26 साल बाद हुए हमले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने पिछले साल ही एलडब्ल्यूओ को 50 गाड़ी खरीदकर दे दी थी।
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