कोरोना के कर्मवीर : वायरस से चल रहे इस युद्ध में वीडियो कॉल से अपनों को करते हैं याद

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जोधपुर. कोरोना युद्ध में अपना फर्ज निभा रहे कोरोना कर्मवीर अपने परिवार से दूर रहकर कार्य कर रहे हैं। शहर के कुडी हाउसिंग बोर्ड निवासी लेब असिस्टेंट राकेश कुमार मीणा गुड़ा विश्नोईयान पीएचसी पर कार्यरत हैं। कोरोना युद्ध में वे सीएमएचओ की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर कोरोना संदिग्ध व पॉजिटिव मरीजों के सेम्पल लेने का कार्य कर रहे है। ऐसे मे वे पिछले 12 दिनों से घर से दूर यूथ हॉस्टल में रहकर अपना फर्ज निभा रहे हैं। सोमवार को 12 दिनों से पापा को नहीं देखने पर उनकी साढ़े चार साल की बेटी ने विडियो कॉल से बात करके उन्हें कोरोना को हरा कर घर आने को कहा।

हाई रिस्क वाले मरीजों की कर रहे देखभाल

फिदूसर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत गणपतराम चौधरी पिछले 15 दिनों से डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में चौबीस घंटे संदिग्धों व हाई रिस्क वाले मरीजों की स्वास्थ्य देखभाल करते हैं। कोरोना के कर्मवीर को जब इस बीच घर की याद आती है तो वीडियो कॉल के जरिए अपनों को याद करते हैं। गणपतराम बताते हंै कि इन दिनों कोरोना वायरस संदिग्धों के इलाज के वक्त अनगिनत मुश्किलें व हालातों से गुजरना पड़ता है, वे अभी जहां सेवाएं दे रहे हैं, वहां संक्रमित मरीजों के रिश्तेदार, पड़ोसी व विदेश ट्रेवल हिस्ट्री वाले क्वॉरेंटाइन चल रहे हैं।

गणपतराम ने बताया कि वे गत 15 दिनों से घर नहीं लौटे हंै। इस बीच जब वे वीडियो कॉल से पत्नी व बेटे से बात करते हैं तो सुकून मिलता है और घर वाले समझ जाते हैं कि मैं सुरक्षित हूं। इन दिनों गणपत ने अपनी पत्नी व पुत्र को पैतृक गांव भेज रखा है। गणपतराम ने कहा कि उनकी जब ड्यूटी लगी तो उनके माता-पिता बेहद दुखी हुए, क्योंकि वे जानते थे कि बीमारी फिलहाल लाइलाज है।

संदिग्धों से हर समय संक्रमण फैलने की आशंका रहती है, लेकिन वे फिर भी सभी की सेवा अपना कर्तव्य समझ करते हैं। हालांकि गणपत अब जल्द अपने 14 दिन की ड्यूटी पूरे होने के बाद माहेश्वरी जनोपयोगी भवन में सरकार की तरफ से क्वॉरेंटाइन किए जाएंगे। इसके अलावा गणपतराम शहर के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. नगेन्द्र शर्मा की ओर से प्रतिमाह आयोजित किए जाने वाले निशुल्क मिर्गी शिविर में भी अपनी सेवाएं देते हैं। स्वतंत्रता दिवस पर गणपतराम अपनी उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए सम्मानित भी हो चुके हैं। गणपतराम को जोधपुर में घर बासनी द्वितीय फेस व मूलत: जालेली नायला के हैं।

दामाद के आग्रह पर ससुर ने की सेनेटाइजर मशीनें भेंट
जोधपुर सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा के आग्रह पर उनके ससुर भैराराम कास्टी ने संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास माथुर और स्वास्थ्य विभाग कार्यालय सहित दो ऑटोमेटिक सेनेटराइज चैंबर मशीनें निशुल्क भेंट की है। इस मशीन से गुजरने पर दस सैकंड में संक्रमित व्यक्ति ऊपर से नीचे तक पूरा सेनेटाइज हो जाता है। ये मशीन सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा के ससुर व भामाशाह भैराराम कास्टी और पीएचईडी के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता जयसिंह चौधरी ने शहर के मथुरादास माथुर अस्पताल के ट्रोमा सेंटर व सीएमएचओ कार्यालय में लगवाई है।

इस ऑटोमेटिक सेनेटराइज चैंबर को जयसिंह चौधरी के पुत्र आईआईटी खडग़पुर से इंजीनियरिंग कर चुके नकुल चौधरी व उप राजकीय अधिवक्ता रामदयाल चौधरी के सहयोग से घर में तैयार किया गया है। सीएमएचओ डॉ. मंडा ने बताया कि इस सेनेटराइज चैंबर की खासियत यह है कि पूरी तरह से स्वचालित है इससे गुजरने वाले व्यक्ति को किसी स्वीच छूने की आवश्यकता नहीं रहती है और सेंसर होने के कारण संक्रमण का खतरा शून्य रहता है।



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