जोधपुर. गरीबों के गेहूं में सेंध लगाने और कई उपभोक्ताओं को राशन नहीं देने के आरोप में डिगाड़ी फांटा स्थित राशन की दुकान के डीलर राजेंद्र राठी पर सार्वजनिक वितरण अधिनियम (पीडीएस) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। लॉकडाउन लागू होने के बाद जोधपुर में पीडीएस एक्ट में यह पहला मुकदमा है।
डिगाड़ी फांटा स्थित राशन की दुकान पर गेहंू लेने पहुंचे तीन परिवारों को राशन डीलर ने नियमानुसार 35-35-35 किलो गेहूं की बजाय 29, 30 और 21 किलो ही गेहंू दिया। इस पर पूरा मौहल्ला विरोध प्रदर्शन करने पहुंचा लेकिन डीलर राजेंद्र राठी ने गेहूं कम देना का कोई कारण नहीं बताया। एडीएम एमएल नेहरा को शिकायत के बाद रसद विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। प्रवर्तन अधिकारी ओमप्रकाश हर्ष ने स्वयं गेहूं तौला और वह कम मिला। जांच में पता चला कि जिस ड्रम में राठी गेहूं तौलकर देता है। वह एक किलो का है। ऐसे में प्रत्येक उपभोक्ता को हर महीने एक किलो गेहूं कम दिया जा रहा है।
स्कूटी की डिक्की में कई राशन कार्ड, जब्त किए
लोगों की शिकायत पर रसद विभाग की टीम ने राशन डीलर की स्कूटी की डिक्की की जांच की जिसमें जालोर, भीनमाल, सिरोही, बाड़मेर सहित अन्य हिस्सों के कई राशन कार्ड मिले।
पीडीएस में मुकदमा दर्ज
शिकायत पर जांच करने पहुंचे थे। राशन डीलर गेहूं कम तौल रहा था। हमनें पीडीएस में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
- ओमप्रकाश हर्ष, प्रवर्तन अधिकारी, जिला रसद विभाग
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/352niwe
0 comments:
Post a Comment