वास्तविक गरीब अब आए सामने, 2 महीने में जोधपुर में 14 हजार नए लोगों को राशन

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के अंतर्गत मार्च-अप्रेल में जोधपुर में 14,000 से अधिक परिवार बढ़ गए हैं, जबकि गेहूं का आवंटन फरवरी में ही हो जाने से राशन की कई दुकानों पर 10 से 15 प्रतिशत गेहूं कम पड़ गया। राज्य सरकार ने इसकी भरपाई के लिए शुक्रवार को अतिरिक्त आवंटन जारी किया। सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में एनएफएसए से जुड़े अधिकांश परिवार वास्तविक रूप से गरीब है जिनके घर में चूल्हे ठंडे पड़े हैं। लॉकडाउन के दबाव में एनएफएसए की अपीलों को संबंधित उप खण्ड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने त्वरित गति से निपटाया। हालांकि एक साथ इतने परिवार बढऩे पर कलक्टर और खाद्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने एसडीएम से जवाब तलब भी किया है।

7 हजार से अधिक परिवार लूणी तहसील के

मार्च-अप्रेल में खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़े आधे परिवार यानी 7300 लूणी तहसील के हैं। जोधपुर शहर से करीब 2100 नए परिवार जोड़े गए हैं। फलोदी, भोपालगढ़, ओसियां, बिलाड़ा, तिंवरी, देचू, पीपाड़ से भी कई नए परिवार आए हैं। वर्तमान में जोधपुर में एनएफएसए परिवार की संख्या 5 लाख 12 हजार 794 हो गई है यानी कुल मिलाकर जोधपुर के 24 लाख से अधिक लोग खाद्य सुरक्षा योजना का गेहंू ले रहे हैं।

सभी लोग गेहूं लेने आए, कम पड़ गया आवंटन
एनएफएसए में जुड़े कई परिवार मजदूर और दिहाड़ी है जो रोजी-रोटी के लिए दूसरे जिलों व प्रदेश में गए हुए थे। लॉकडाऊन के कारण अधिकांश मजदूर घर आ गए और राशन की दुकान पर गेहूं लेने पहुंचे तो अब कई डीलर्स के पास गेहूं कम पड़ रहा है। ग्रामीण इलाके में तो 70 से 75 फीसदी ही गेहूं का वितरण हो सका।

एनएफएसए की अपीलों का निस्तारण

जो लोग एनएफएसए से जुडऩे के लिए एसडीएम के समक्ष अपील कर रहे हैं, उन्हें जोड़ा जा रहा है।
राधेश्याम डेलू, जिला रसद अधिकारी जोधपुर



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3eUecGG
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment