लॉकडाउन के चलते संकट में प्याज-सब्जियों की फसलें, मांग कम होने से व्यापार पर पड़ रहा असर

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जोधपुर. लॉकडाउन के चलते वितरण चैन गड़बड़ाने से प्याज सहित अन्य सब्जी उत्पादक किसानों पर बड़ी मार पड़ी है। जोधपुर जिले में एक हजार हेक्टेयर में सर्दी की अगेती व 18 हजार हेक्टेयर में जायद सीजन की प्याज की बुवाई होती है, वहीं 3 हजार हेक्टेयर में गोभी, खीरा, टमाटर, ककड़ी, लोकी, पालक जैसी सब्जियों का उत्पादन होता है। जिले में अभी जहां सर्दी की अगेती प्याज की फ सल खत्म होने वाली है, वहीं जायद की मुख्य फ सल की कटाई शुरू हो गई है। लेकिन वितरण चैन प्रभावित होने से बारदान से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की परेशानी झेल रहे व्यापारी प्याज की खरीद करने से कतरा रहे है। ऐसे में लॉकडाउन से पहले 20 रुपए किलो से व्यापार होने वाला प्याज एकदम 8 रुपए तक गिर गया है।

नहीं हो रही खपत
लॉकडाउन के चलते प्याज की खपत नहीं हो रही है। मांग कम हो गई है, व्यापार कम हो रहा है। लॉकडाउन से पहले जहां होलसेल भाव करीब 15-20 रुपए थे, वह अब 8-10 रुपए हो गए है।
-राकेश परिहार, होलसेल व्यापारी, भदवासिया मंडी

'ई-बाजार कोविड 19' मोबाइल एप से घर बैठे मंगवा सकते हैं सामान
जोधपुर. राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन की अवधि में आमजन को उनके घर तक आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की सुविधा के लिए ई-बाजार कोविड19 एप बनाया गया है। अतिरिक्त निदेशक शंकरलाल भाटी ने बताया कि इस एप की मदद से स्टोर संचालक अपने आस-पास के ग्राहकों की एवं घर के नजदीक स्थित किराणा, मेडिकल स्टोर की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि होम डिलीवरी की सुविधा प्रदान करने वाले स्टोर्स अपने ग्राहक द्वारा आडर की गई सामग्री उनके घर तक पहुंचाने की सुविधा देंगे।



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