अविनाश केवलिया/जोधपुर. लॉक डाउन के चलते इन दिनों आमजन को घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है। लेकिन डिस्कॉम के 700 कार्मिक ऐसे भी हैं जो अलर्ट हैं। किसी अन्य साइलेंट हीरो की तरह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। कम वॉल्टेज, हाई वॉल्टेज, विद्युत लाइन में फॉल्ट, घर में लाइट नहीं आना, ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत जैसी रोजाना 200 शिकायतों का निवारण कर रहे हैं। ताकि हमारे घरों में उजाला रहे।
आठ घंटे टीम ने काम किया तब जाकर दुरुस्त हुआ ट्रांसफार्मर
33/11 एमजीएस हॉस्पिटल ग्रेड सबस्टेशन के तहत शहरी क्षेत्र का अधिकतर भाग आता है। एईएन हरीश पोलाल के नेतृत्व में टीम काम करती है। जेईएन तन्मन भाटी ने बताया कि रेलवे स्टेशन, सोजती गेट, त्रिपोलिया, घोड़ों का चौक, नई सड़क, आनंद सिनेमा, सोनारों का बास, मौती चौक आदि क्षेत्र इस सब स्टेशन के क्षेत्र में आते है। उन्होंने बताया कि आठ अप्रेल को घोड़ा का चौक स्थित ट्रांफार्मर में आग लग गई पूरी टीम सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक जुटी रही तब जाकर ट्रांफार्मर दुरुस्त हुआ। जहां सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं वहां जाकर भी ड्यूटी करने से नहीं कतराते।
घर छोड़ कार्यालय में रह रहे, 24 घंटे अलर्ट
डिस्कॉम के खण्ड तृतीय जोधपुर में करीब 37 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। डिस्कॉम के अधिशाषी अभियंता यूके व्यास ने बताया कि इस खण्ड के अधीन आने वाले अधिकतर मोहल्लों में कफ्र्यू लगा है। टीम में कई साथी जिनका घर इन कफ्र्यू ग्रस्त इलाकों में है वे ऑफिस में ही रह रहे है जिससे की अपनी सेवा दे सके। उनके क्षेत्र में बकरा मंडी, गणेशगढ़, चांदपोल, नवचौकिया, पचेटिया, जूनी मंडी, आडा बाजार, एक मिनार की मस्जिद, सिलावटों का बास, सिटी पुलिस, घंटाघर, उम्मेद चौक, लायकान मोहल्ला, नागौरी गेट, मेड़ती गेट, हाथीराम का ओडा, आसन, उदयमंदिर, नया तालाब, फतेहसागर, गऊघाट आदि क्षेत्र आत है।
इनका कहना है
डिस्कॉम कर्मचारियों के परिजनों को भी चिंता है कि उनके बेटे कोरोना की चपेट में न आ जाए। फिर भी वे ड्यूटी कर रहे हैं। ताकि आपके घर रोशन रहे।
- एमएस चारण, एसई डिस्कॉम जोधपुर
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