कफ्र्यूग्रस्त इलाके में ई-कॉमर्स कंपनियां कर रही हाथ खड़े, जहां सुविधाएं देगी वहां भी रेस्टारेंट ही सूची में

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अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर में लॉकडाउन के दौरान जरूरत का सामान पहुंचाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों की सेवाएं शुरू की है। दो दिन पहले इनके ऑर्डर लेने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन यदि आप इन कंपनियों के एप के जरिये ऑर्डर देने की प्रक्रिया शुरू करेंगे तो पाएंगे आधे शहर में सुविधाएं शुरू ही नहीं की गई। जब मैन्युअल लोकेशन बदलेंगे तो कुछ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए सूची तो आएगी लेकिन उनमें सभी रेस्टारेंट और कैफे ही बता रहा है। जबकि अभी ये प्रतिष्ठान बंद हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की ई-कॉमर्स कंपनियों की बताई गई पहल धरातल पर साबित होती नहीं दिख रही।

कफ्र्यूग्रस्त इलाके में हाथ खड़े किए
स्वीगी और जोमेटो जैसे कंपनियों के एप पर कफ्र्यूग्रस्त इलाके जैसे त्रिपोलिया, गुलाब सागर, आडा बाजार की लोकेशन डाल कर ऑर्डर का प्रयास किया लेकिन इन कंपनियों ने यहां ऑर्डर लेने की प्रक्रिया को ही आगे नहीं बढ़ाया। जबकि प्रशासन का दावा है कि ये कंपनियों कफ्र्यूग्रस्त व नॉन कफ्र्यू दोनों क्षेत्रों में सेवाएं देंगे।

जहां सूची वहां जरूरत का सामान गायब
इसके बाद मंडोर, शास्त्री नगर की लोकेशन डाल कर इन कंपनियों के एप से ऑर्डर देने का प्रयास किया गया। यहां ऑर्डर देने में समर्थता तो जताई लेकिन सूची में जरूरत का सामान जैसे किराणा, प्रोविजन की दुकान शामिल ही नहीं थी। सूची में जो दुकानें शामिल थी वह सभी रेस्टोरेंट और कैफे थे, जो कि अभी लॉकडाउन पीरियड में बंद है।

जरूरत ही कफ्र्यू इलाके में
जहां सिर्फ लॉकडाउन है वहां जरूरत का सामान की दुकानें कुछ समय के लिए खुलती है। वहां सख्ती ज्यादा नहीं है। लेकिन शहर के हाई रिस्क जोन जहां महाकफ्र्यू लागू है वहां लोगों को बाहर देखते ही मामला दर्ज करने व चालान काटने की कार्रवाई हो रही है वहां जरूरत को डोर स्टेप पर डिलीवरी की जरूरत है। लेकिन मॉनिटरिंग के अभाव में इन्हीं इलाकों में सेवाएं फिलहाल शुरू नहीं की गई है।



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