गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. महामंदिर तीसरी पोल के बाहर वार्ड संख्या-59 स्थित राशन की दुकान पर कई स्थानीय लोग राशन सामग्री लेने उमड़ पड़े। ये लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) में चयनित नहीं थे। करीब 50 से 60 लोग बगैर सोशियल डिस्टेंसिंग की पालना के राशन की दुकान के बाहर इकठ्ठा होकर हंगामा करने लगे और गेहूं की मांग करने लगे। आखिर जिला रसद विभाग के अधिकारियों और स्थानीय पार्षद ने मौके पर पहुंचकर लोगों से समझाइश की। दो घंटे बाद मामला शांत हो सका।
राशन की दुकान पर केवल एनएफएसए धारकों को ही गेहूं मिलता है। कई लोग गरीब होने के बावजूद इस सूची में शामिल नहीं हैं और लॉकडाउन में परेशानी आ रही है। ऐसे लोगों के लिए सरकार ने बीएलओ उनका सर्वे कर सूची नगर निगम को सौंपने को कहा है ताकि निगम की ओर से निशुल्क फूड किट उपलब्ध करवाया जा सके। बीएलओ द्वारा यहां भी सूची तैयार करवाई गई। स्थानीय लोगों को यह गफलत हो गई कि मुफ्त का फूड किट राशन की दुकान पर मिलेगा और लोग दोपहर 12 बजे बाद वहां इकठ्ठा होना शुरू हो गए। फ्री का राशन लेने के नाम पर लोगों ने सोशियल डिसटेंसिंग का ध्यान भी नहीं रखा।
आपको गेहूं नगर निगम देगा
लॉकडाउन के बाद दिहाड़ी, गरीब व ठेलाचालकों, जिनके जीवन व्यापन का कोई साधन नहीं बचा, उन्हें निगम की ओर से 10 किलो आटा, चीनी, चाय पत्ती, खाद्य तेल सहित अन्य सामग्री का फूड किट फ्री दिया जा रहा है। जिन्हें राशन की दुकान से गेहूं नहीं मिलता है और वे अत्यधिक गरीब है। ऐसे लोगों का बीएलओ द्वारा सर्वे करने के बाद नगर निगम ही खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाएगा। केवल एनएफएसए धारको को गेहूंराशन की दुकान पर केवल एनएफएसए धारकों को गेहंू मिलता है। जिनका बीएलओ द्वारा सर्वे किया जा रहा है, उनको नगर निगम खाद्य सामग्री देगा।
-राधेश्याम डेलू, जिला रसद अधिकारी जोधपुर
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