जोधपुर. जोधपुर शहर में अब बिना ट्रेवल हिस्ट्री वाले लोगों में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासनिक व चिकित्सा अधिकारियों को अब तक संक्रमण की मूल जड़ तक नहीं मिल रही है। कोरोना कनेक्शन के बीच गुरुवार को बासनी के के कॉलोनी निवासी महिला ( 57) को कोरोना संक्रमण मिला, जबकि ये महिला इन दिनों जोधपुर से कहीं बाहर निकली भी नहीं। वहीं नागोरी गेट निवासी महिला (27) के 10 दिन के भीतर अहमदाबाद जाकर आने की पुष्टि हुई है। एमडीएम अस्पताल से संक्रामक रोग संस्थान शिफ्ट हुए पाली से आए एक रोगी को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
ये मरीज अपने पाली निवास पर क्वॉरेंटाइन में रहेगा। इसे अस्पताल के चिकित्सकों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं मसूरिया संक्रमित मरीज के परिजनों से बुधवार देर रात से गुरुवार अलसुबह तक एडीएम महिपाल, सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा व अन्य अधिकारी परिजनों से कोरोना संपर्क का सूत्र ढूंढ़ते रहे। लेकिन उन्हें अभी तक कोई विशेष सुराग हाथ नहीं लगा।
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35 से ज्यादा संपर्क वाले लोग आए सामने
बासनी केके कॉलोनी निवासी महिला के आसपास व परिजनों को मिलाकर मोहल्ले से करीब 10 लोगों को अस्पताल व क्वॉरेंटाइन सेंटर लाया गया। यहां पड़ोसी का कोई रिश्तेदार भी इन दिनों भीलवाड़ा से आना सामने आया है। वहीं नागौरी गेट संक्रमित महिला के 25 परिजनों को जांच के लिए लाया गया। इनमें जिनकी सेहत नासाज है, उन्हें एमडीएम अस्पताल और जो ठीक है, उन्हें आंगणवा के क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया है।
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टीबी अस्पताल में भी भरे सैंपल
मसूरिया संक्रमित मरीज की बेटी केएन एंड टीबी अस्पताल में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी में कार्यरत थी। इसलिए अस्पताल में कई स्टाफ के लोगों की स्क्रीनिंग की गई और सैंपल लिए गए है। वहीं एक अन्य संपर्क में आए व्यक्ति के भी सैंपल लिए गए हैं।
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