गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. वायुसेना मुख्यालय के निर्देश पर सभी लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टर, कार्गो और ड्रोन को भी सेनेटाइज किया जा रहा है। जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई और एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर रुद्र की स्क्वाड्रन के सेनेटाइजेशन के बाद दो दिन पहले ही रुटिन शॉर्टी फिर शुरू की गई। लॉकडाउन लागू होने के बाद वायुसेना स्टेशन में सामान्य कामकाज बंद है। जरूरत के मुताबिक अधिकारी-कर्मचारी स्टेशन पहुंचकर विशेष कार्य निपटा रहे हैं।
सामान्य दिनों की तरह विमानों की प्रशिक्षण उड़ानें भी बंद ही है। इक्का-दुक्का शॉर्टी जारी रखी गई। अब वायुसेना ने दमकल से लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर्स का सेनेटाइजेशन किया। विशेष रूप से कॉकपिट का सेनेटाइजेशन किया गया। इसके बाद प्रशिक्षण उड़ानों की संख्या पिछले दो दिनों से कुछ बढ़ाई गई है। उधर कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए वायुसैनिकों की स्टेशन से बाहर आवाजाही पर पूर्णतया रोक है। सब्जी, किराणा से लेकर समस्त जरुरतें स्टेशन के अंदर ही पूरी की जा रही है।
लॉकडाऊन में ही वाइंड अप
देश में मिग-27 (अपग्रेडेड) लड़ाकू विमान की अंतिम स्क्वाड्रन का वाइंड अप 31 मार्च को जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर कर दिया गया। स्कोर्पियन नाम से मशहूर स्क्वाड्रन संख्या-29 की समस्त प्रशासनिक व कागजी कार्यवाही अब खत्म हो गई है। मिग-27 लड़ाकू विमानों ने अंतिम उड़ान पिछले साल 27 दिसम्बर को भरी थी। इसी दिन जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर वाटर कैनन सेल्यूट के साथ विमानों को विदाई गई। अब जोधपुर में आने वाले नए विमानों को स्क्वाड्रन संख्या-29 आवंटित हो सकती है। गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना ने रूस से 1984 में खरीदे मिग-27 लड़ाकू विमानों को बहादुर नाम दिया था। इन्होंने कारगिल युद्ध में 1999 में मुख्य भूमिका निभाई थी।
आर्मी व बीएसएफ का मूवमेंट भी बंद
लॉकडाउन के चलते आर्मी व सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का मूवमेंट भी बंद है। जोधपुर स्थित मिलिट्री स्टेशन में केवल महत्वपूर्ण कार्य ही संचालित हो रहे हैं। बटालियन अपनी बैरकों में ही है। बीएसएफ ने भी अपने ट्रूप्स का मूवमेंट रोक रखा है। सीमा पार से किसी घुसपैठ को देखते हुए बॉर्डर पर जरूर अलर्ट है।
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