जोधपुर. शहर के पेट्रोल पंपों पर लॉकडाउन के दौरान बिक्री में 90 फीसदी की गिरावट आई है। दस फीसदी बिक्री सरकारी वाहन और कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए प्रशासनिक अमले में हो रही है। बिक्री कम होने के बावजूद तेल कम्पनियों की रिफाइनरी से तेल का उत्पादन लगातार जारी है। ऐसे में तेल कम्पनियों के डिपो भी खचाखच भरे हैं। भरपूर तेल होने से तेल कम्पनियों ने पेट्रोल पंप डीलर्स को उधारी में पेट्रोल-डीजल भेजना शुरू कर दिया है। पेट्रोल पंपों के टैंक 60 फीसदी से ऊपर भरे जा रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर एक महीने की औसत बिक्री 170 किलोलीटर प्रति महीने है जो घटकर 15 किलोलीटर पर पहुंच गई है। पेट्रोल पंप संचालकों को पेट्रोल पर करीब 3 रुपए और डीजल पर 2 रुपए कमीशन मिलता है। ऐसे जितनी अधिक तेल की बिक्री होती है, उतना ही पेट्रोल पंप सुदृढ़ होता है। बिक्री गिरने के साथ पेट्रोल पंप डीलर्स के लिए खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर
राजस्थान में लॉकडाउन 22 मार्च से शुरू हुआ था। इसी दिन से पूरे देश में तेल कम्पनियों ने अंतिम बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव किया, जबकि तेल कम्पनियां प्रतिदिन रात को 12 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार तेल की कीमतें बदलती है। 22 मार्च से लेकर 15 अप्रेल तक कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 50 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 25 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह बात दीगर है कि लॉकडाउन में इसका फायदा वैसे भी जनता नहीं उठा पाती। जोधपुर में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 75.45 और डीजल की 69.16 रुपए है।
पेट्रोल पंप डीलर्स संकट में, खर्चे पडऩे लगे भारी
-पेट्रोल पंप पर सेल्समैन की तनख्वाह
-बिजली खर्च
-बैंक व स्टाम्प चार्जेज
(सभी खर्चे डीलर्स उठाते हैं।)
आर्थिक पैकेज की जररुत
पेट्रोल पंप डीलर्स को आर्थिक पैकेज की जरुरत है ताकि वे अपना खर्चा निकाल सकें।
-जितेंद्र शर्मा, जिला सचिव, राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
बिक्री 10 फीसदी रह गई
शहर के अधिकांश पंप की बिक्री 10 फीसदी रह गई है। हम जैसे-तैसे काम चला रहे हैं।
-गोपाल सिंह रुदिया, जिलाध्यक्ष, राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
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