जोधपुर. भले ही आप कितनी सावधानी बरतें, लेकिन आप हर सामने वाले को कोरोना पॉजिटिव नहीं समझेंगे और उस हिसाब से बचाव नहीं करेंगे, तब तक आप में भी संक्रमण की आशंका बनी रहेगी। ये साबित हुआ है जोधपुर कोरोना वायरस की चौथी पाई गई मरीज की कहानी से। जोधपुर के पाल लिंक रोड श्याम नगर निवासी संक्रमित युवती का बड़ा व संयुक्त परिवार है। ये २५ वर्षीय युवती मुंबई में बतौर आइटी इंजीनियर कार्यरत है। जब कोरोना वायरस का भय फैला था, तब परिजनों ने इसे जोधपुर बुला लिया था। जोधपुर में इसने सूर्यनगरी एक्सप्रेस में यात्रा की। उसी कोच में पूर्व में एक परिवार से पॉजिटिव आए वृद्ध दंपती भी सवार थे। इस युवती ने पूरी यात्रा के दौरान मास्क पहने रखा और सेनेटाइजर का बार-बार इस्तेमाल किया। सहयात्रियों से किसी प्रकार से बात नहीं की। बाथरूम आने-जाने से पहले खुद के हाथों को सेनेटाइज भी किया। इसके बाद २३ मार्च को इसकी तबीयत बिगड़ी और २४ मार्च को डॉक्टर को दिखाया और फिर भर्ती हो गई। इस युवती ने चिकित्साकर्मियों व अन्य लोगों से बातचीत में बताया कि उसने पूरी सावधानी बरती, लेकिन उसे समझ नहीं आया कि संक्रमण हुआ कैसे? संभव है कि सहयात्रियों के खांसने या छींकने के दौरान संक्रमण युवती को हुआ हो। बहरहाल, इन सभी सुरक्षाओं के मद्देनजर युवती की बर्थ के नीचे ही सीट पर लेटे कोरोना वायरस पॉजिटिव वृद्ध दंपतियों से वो खुद को नहीं बचा पाई। हालांकि फिलहाल युवती की तबीयत स्थिर है और उसका उपचार चल रहा है।
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